दहेज हत्या में 85 वर्षीय सास को उम्रकैद

मरने के पूर्व दिए गए बयान और साक्ष्यों के आधार पर सास हुस्न बानो और जेठ नसीम को उम्र कैद की सजा सुनाई गई। तुर्कमान गेट निवासी नसीरूद्दीन का निकाह गुलनाज से हुई था। ससुराल वाले गुलनाज को दहेज के लिए प्रताड़ित करते रहते थे। निकाह के बाद भी दहेज में बाइक और टेलीविजन की मांग की जा रही थी। 22 अक्तूबर-08 को दहेज के लिए हुस्ना और नसीम ने गुलनाज की जबरदस्त पिटाई की। अगले दिन सुबह गुलनाज जैसे ही उठी एक बार फिर हुस्ना उससे लड़ने लगे। इस बीच नसीम आ गया उसने मिट्टी तेल छिड़कर गुलनाज को आग के हवाले कर दिया था। आवाज सुनकर उसका पति नसीरूद्दीन आ गया। उसने आग बुझाई और उसे भतीजे शोयब की मदद से अस्पताल ले गया। जहां दो माह तक इलाज कराने के बाद गुलनाज की मौत हो गई थी।
18 साल बाद पकड़ा गया हत्या का आरोपी
पुलिस ने अठारह साल बाद एक हत्यारोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम भगोड़े और वारदात के बाद लापता बदमाशों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने सीमापुरी निवासी संजय (37) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में यह बात सामने आई कि संजय हत्यारोपी है। वह पिता चंद्रभान और भाई जगदीश के साथ मिलकर सीमापुरी में कबाड़ी की दुकान चलाता था। 28 जुलाई 93 को तीनों दुकान पर थे। इस दौरान सीमापुरी निवासी हारून व्यापारी को दुकान के पास संदिग्धावस्था में घूमते हुए पकड़ा। तीनों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। पिटाई से उसकी मौत हो गई। शव को वे कोढ़ी कालोनी के मुख्य गेट पर जमीन के नीचे गाड़कर वहां से फरार हो गए थे।












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