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तेल कंपनियों को 21,373 करोड़ का नुकसान दूसरी तिमाही में

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oil company
नई दिल्ली। सरकारी ईंधन कंपनियों को पेट्रोलियम मूल्य नियंत्रण व्यवस्था के तहत आयात लागत से कम पर डीजल, घरेलू एलपीजी और केरोसिन की बिक्री के चलते दूसरी तिमाही के दौरान 21,373 करोड़ रुपए की आमदनी का नुकसान हुआ। यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इंडियन आयल कार्पोरेसन , भारत पेट्रोलियम कार्पोरेसन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्पोरेसन को गत अप्रैल से सितंबर के छह माह के दौरान कम दरों पर ईंधन बेचने से 64,900 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

इनमें से 43,526 करोड़ रुपए का नुकसान 30 जून समाप्त पहली तिमाही में हुआ। इन कंपनियों को डीजल पर प्रति लीटर 7.06 रुपए, राशन के केरोसिन पर 25.90 रुपए पर और रसोई गैस पर प्रति सिलिंडर, 14.2 किलो ग्राम, 270.50 रुपए का नुकसान हो रहा है। सरकार द्वारा की गयी व्यवस्था के तहत पेट्रोलियम मूल्य नियंत्रण व्यवस्था के तहत खुदरा कंपनियों को होने वाली राजस्व की हानि का एक तिहाई बोझ तेल एवं प्राकृतिक गैस उत्खनन कंपनियों पर डाला जाता है।

बाकी दो तिहाई घाटे का आधार सरकार और आधा खुदरा कंपनियां उठाती है। पहली तिमाही के घाटे में उत्खनन कंपनियों के 14,508.83 करोड़ रुपए के बोझ में 12,046.26 करोड़ रुपए का बोझ ओएनजीसी पर पड़ा। आयल इंडिया ने 1,780.65 करोड़ रुपए और गेल इंडिया ने 681.92 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी। अभी दूसरी तिमाही के लिए सब्सिडी बंटवारे की कोई व्यवस्था घोषित नहीं की गयी है। बयान के मुताबिक ईंधन के खुदरा विक्रेताओं को अप्रैल से सितंबर के दौरान डीजल की बिक्री से 37,719 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसी तहर केरोसिन पर 13, 361 करोड़ रुपए और घरेलू गैस पर 13,820 करोड़ रुपए की राजस्व हानि हुई।

English summary
The Oil & Gas index was at 8665.50, down by 193.98 points or by 2.19%. The major losers were Indian Oil Corporation (3.48%), Hindustan Petroleum Corporation.
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