गर्भवती पत्नी को नदी में धक्का देने वाले वकील को फांसी

उसने पत्नी से छुटकारा पाने के लिए साजिश बनाई और वह उसे हरकी पौड़ी में नहाने के बहने ले गया। सुभाष ने धोखे से पत्नी को तवी नदी में धक्का दे दिया। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए उसने झूठी स्टोरी तैयार की कि उसकी पत्नी तवी नदी में डूब गई। ताकि, जांच एजेंसी की आंखों में धूल झोंकी जा सके। फांसी की सजा सुनाने के दौरान प्रधान सत्र न्यायाधीश जंग बहादुर सिंह ने ने पाया आरोपी स्वयं कानून का जानकार है। उसे पूरी तरह से पता था कि जो अपराध करने जा रहा है। उससे कैसे बचा जा सके। उसने पूरी सोच समझ के साथ योजना तैयार की और पत्नी की हत्या कर दी। डाक्टरों ने भी रिपोर्ट दी कि मृतक के पेट में बच्चा है। बच्चे का भ्रूण 17 सेंटीमीटर तक बन चुका था और वह एक बच्चे को जन्म देने वाली थी। आरोपी ने अपनी पत्नी के गर्भवती होने का भी तरस नहीं खाया।
पत्नी को जब केयर की जरूरत थी तो उसकी हत्या कर दी गई। आरोपी ने अपने व्यवसाय से ही विश्वासघात किया है। कोई भी माता पिता अपनी बेटी की शादी एक वकील से करने से पहले कई बार सोचेंगे। ऐसे लोगों से रियायत नहीं बरती जा सकती है। आरोपी वकील बेशक कुख्यात अपराधी नहीं है। लेकिन, एक समझदार हत्यारा है। भ्रूण की जो लंबाई है। उससे लगता है कि वह नौ माह का हो चुका था। जिस बच्चे ने अभी दुनिया में कदम ही नहीं रखा। उस बच्चे की भी पेट में ही हत्या कर दी गई।
कोर्ट को लगता है ऐसे व्यक्ति को सुधारा भी नहीं जा सकता है और उसे धरती पर रहने का कोई हक नहीं है। आरोपी सुभाष चंद्र को फांसी की सुजा सुनाने के अलावा 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। एक अन्य मामले में कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना के केस का निपटारा करते हुए एक साल और सजा और एक हजार रुपये जुर्माना भी किया।












Click it and Unblock the Notifications