कोलकाता: कटा हाथ लेकर अस्पताल पहुंचा बच्चा

Kolkata: Boy in hospital with chopped hand
कोलकाता। इस फिल्म में किसी बच्चे की साहस की कहानी नहीं है। बल्कि कोलकाता के सात साल के वरुण की कहानी है। डायमंड हारबर रोड पर स्थित एक बहुमंजिली इमारत में की लिफ्ट में दोस्तों के साथ वह खेल रहा था। इसी बीच किसी ने लिफ्ट में जाने के लिए बटन दबा दिया। वरुण खंडेलवाल का हाथ लिफ्ट में ऐसा फंसा कि कट कर नीचे जा गिरा। उस समय लिफ्ट में अकेला वरुण था।

वह न तो डरा, न रोया और न घबराया। उसे लगा यह कोई मामूली बात है। वह चुपचाप लिफ्ट से निकला और सीढ़ियों से होता हुआ नीचे आया। नीचे उसे हाथ नहीं दिखाई पड़ा। ग्राउंड फ्लोर पर कुछ लोगों ने जब एक बच्चे का कटा हुआ हाथ देखा तो डर से उसे डस्टबिन में फेंक दिया । वरुण अपने हाथ को तलाशता हुआ डस्टबिन तक पहुंचा। डस्टबिन से अपना कटा हुआ निकाल कर अपने कमरे में गया। माता-पिता दोनों घर पर नहीं थे। वह अकेले ही हाथ लेकर बगल में स्थित अस्पताल के लिए रवाना हो गया। रास्ते में कोई रिश्तेदार मिल गया।

कटे हुए हाथ के साथ बच्चे को देखकर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। डाक्टर अपनी आंखों पर एतबार नहीं कर पा रहे थे, क्या वे जो देख रहे हैं वह सच है। वरुण इत्मीनान से डाक्टर से कहा, इसे जोड़ दीजिए। कार्टून फिल्म टाम एंड जेरी में मैंने देखा है, कटे हुए हाथ डाक्टर जोड़ देते हैं। तीन घंटे में दो बार हुए आपरेशन के बाद बच्चे का हाथ जोड़ दिया गया है।

वरुण ने अस्पताल में हैरत जताई कि मेरा कटा हुआ हाथ देखकर लोग क्यों डरे और सहमे हुए थे। यह मैं नहीं समझ पा रहा हूं। पहली कक्षा का छात्र वरुण कहता है मैंने कार्टून में कई बार देखा है कटे हुए हाथ जुड़ जाते हैं। डाक्टर वरुण के कारनामे से हैरत में हैं। हाथ जोड़नेवाले डाक्टर अनुपम कहते हैं बच्चा हादसे को समझ ही नहीं पाया। इसलिए इतनी बड़ी दुर्घटना को सामान्य तौर पर ले रहा था। उसे कहीं से नहीं लग रहा था कि हाथ कटना बहुत बड़ा हादसा है। इसलिए उसका वह बिल्कुल सामान्य रहा।

जबकि ऐसे हालात में कोई भी आदमी सुधबुध खो बैठता है अनुपम कहते हैं कि खैरियत है कि वह तुरंत अस्पताल पहुंच गया। वरना हाथ कुछ समय बाद ही बेकार हो जात हैं। अंगुली कटने के 24 घंटे बाद भी जोड़ी जा सकती है, अगर उसे ठीक तरीके से रखा गया हो। लेकिन हाथ तो तीन घंटे में ही बेकार हो जाता है। फिर इस तरह के आपरेशन के सफल होने की संभावना बहुत ज्यादा नहीं रहती है। अब वह ठीक हो कर घर आ गया है। डाक्टरों के मुताबिक वह पहले की तरह ही जिंदगी गुजार सकता है। उसका हाथ वैसा ही काम करेगा, जैसे पहले करता था।

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