जेसीडी विद्यापीठ के छात्रों की प्रतिभा का मनमोहक प्रदर्शन
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वन्दना एवं गणेश वन्दना द्वारा किया गया। कार्यक्रम के संयोजक एवं जेसीडी आईबीएम कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कुलदीप सिंह ने आए हुए अतिथियों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनन्दन किया।
इस सांस्कृतिक संध्या के आरंभिक चरण में जेसीडी आईबीएम कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा चौ. देवीलाल के जीवन पर आधारित एक नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किया गया, जिसमें उनके जीवन से जुड़े हुए अनेक पहलुओं को दिखाया गया। इस नाटय रूपांतरण को नरेन्द्र कुमार के निर्देशन में विशाल वत्स एवं कंवल कुमार के सहयोग से तैयार किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में माता हरकी देवी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गुरदासमान के गीत 'मुड़-मुड़ याद सतावे पिंड दियां गलियां दी.....' पर ह्रदयस्पर्शी नृत्य प्रस्तुत किया।
माता हरकी देवी कॉलेज की छात्राओं ने 'काट भरोटा बांध लिया, मन्नै ठहावण आईयो रै' हरियाणवी लोकगीत पर समां बांध दिया, जिस पर पूरा पंडाल कलाकारों के साथ थिरकने लगा। द सिरसा स्कूल के छात्रों द्वारा गुजराती परिधान में बहुत ही सुंदर एवं मनोहारी डांडिया नृत्य प्रस्तुत किया गया। वहीं फार्मेसी कॉलेज के विद्यार्थियों ने कोरियोग्राफी प्रस्तुत की, जिसमें चौ. देवीलाल के ब्रिटिश राज के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम को दर्शाया गया। पॉलिटेक्रिक कॉलेज के छात्रों द्वारा अंध-विश्वास पर आधारित हरियाणवी स्किट दिखाई गई, जिसके माध्यम से ढोंगी साधुओं का पर्दाफाश किया गया।
माता हरकी देवी कॉलेज की छात्राओं ने रोचक और मनभावन बोलियों के माध्यम से उस नवविवाहित लड़की की भावनाओं को, जो तीज के उत्सव पर अपने पीहर आती है को 'जागो' निकालकर गिद्दे के माध्यम से प्रस्तुत किया। डेन्टल कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा 'म्हारै हिवडै़ में नाच्यो मोर ......' पर मनमोहक राजस्थानी नृत्य प्रस्तुत करके सभी की वाहवाही लूटी। इस अवसर पर जेसीडी आईबीएम द्वारा प्रस्तुत किया गए काऊबॉय थीम पर आधारित मॉडलिंग का दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। इस अवसर पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके सराहनीय योगदान के लिए 1100-1100 रूपये की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहने वाले छात्र-छात्राओं को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
मुख्यातिथि नरेश कौशल ने बच्चों को प्रोत्साहन देते हुए चौधरी देवीलाल के दिखाए हुए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि चौ. देवीलाल का सपना था कि सिरसा जैसे शिक्षा में पिछड़े हुए क्षेत्र में विद्यार्थियों को तकनीकि एवं उच्च शिक्षा प्राप्त हो और इसके लिए उन्हें बाहर न जाना पड़े, इस दिशा में कुछ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। उनके इसी सपने को साकार रूप प्रदान करने के लिए सिरसा में यूनिवर्सिटी एवं विद्यापीठ जैसे अन्य कई संस्थानों की स्थापना की गई, जिससे न केवल सिरसा बल्कि साथ लगते पंजाब एवं राजस्थान के क्षेत्रों के विद्यार्थी भी लाभ उठा रहे हैं।
विद्यापीठ की प्रबन्ध निदेशक डॉ. शमीम शर्मा ने सभी आगन्तुकों का आभार जताया और घोषणा की कि गैर-शिक्षण वर्ग के वेतन में 6 से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि की जाएगी और सफाई कर्मचारियों के वेतन में 21 प्रतिशत वेतन की बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं भी प्रारंभ की जाएंगी और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर निखार लाया जाएगा।
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