आरडीएक्स से किया था दिल्ली हाईकोर्ट में ब्लास्ट

जांचकर्ताओं को कई ई-मेल भी मिल चुके हैं जिनमें विस्फोट की जिम्मेदारी ली गई है। उच्च न्यायालय के बाहर हुए विस्फोट में इस्तेमाल विस्फोटक की फोरेंसिक जांच दिल्ली, हैदराबाद और गुजरात की फोरेंसिक लैब के अलावे एनएसजी की फोरेंसिक लैब ने भी की थी। इस बीच सरकारी सूत्रों ने कहा कि गुजरात की लैब की रिपोर्ट कुछ कहती है जबकि केंद्रीय फोरेसिंक साइंस लैबोरेटरी (सीएफएसएल) की रिपोर्ट में कुछ और निष्कर्ष है, लेकिन हम सीएफएसएल के निष्कर्षो को ही मानेंगे।
एनएसजी की फोरेंसिक जांच में भी नाइट्रेट आधारित विस्फोटक के इस्तेमाल की बात कही गई है। आपको बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट विस्फोट में कई लोग हताहत हुए थे जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। जिनका इलाज अभी भी विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।












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