'स्वाभिमान यात्रा से अपनी खोयी जमीन तलाश रहे हैं बाबा रामदेव'
इससे पहले भी फेसबुक पर कुछ छात्र-छात्राओं ने भी बाबा रामदेव के स्वाभिमान यात्रा पर टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा था कि बाबा रामदेव की नीयत में खोट थी जिसके चलते उनका रामलीला मैदान वाला अनशन पुलिसिया डंडो की भेंट चढ़ गया। युवा वर्ग ने तो यहां तक लिखा है कि अगर बाबा रामदेव ने शुरू से पारदर्शिता दिखायी होती ते उनका अनशन सफल होता। इसलिए उनके स्वाभिमान यात्रा पर शक होता है।
गौरतलब है कि मंगलवार से बाबा रामदेव ने काले धन के खिलाफ झांसी से स्वाभिमान यात्रा की शुरूआत की है। यह यात्रा झांसी से शुरू होकर तीन राज्यों तक पहुंचेगी। बाबा रामदेव योग के बहाने लोगों को काले धन के खिलाफ जागरूक करेगें। बाबा रामदेव ने चुनौती देते हुए कहा कि ये यात्रा उनकी अपनी है इसलिए उन्हें किसी भी राजनैतिक पार्टी के चरित्र प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। क्योंकि किसी राजनैतिक पार्टी का अपना कोई चरित्र ही नहीं है। बाबा रामदेव ने कहा कि योग सीखाना कोई गुनाह नहीं है। रामदेव ने झांसी से शुरूआत करने के पीछे कारण बताया कि झांसी ही वो धरती है कि जहां से रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका था इसलिए उन्होंने ने झांसी की धरती को चुना।
अपने करीबी बालकृष्णन पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए बाबा रामदेन ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश हुई है। सरकार उनकी आवाज को दबाना चाहती है इसलिए वो ऐसा कर रही है। रामदेव ने कहा कि विदेशी बैंकों में करीब चार सौ लाख करोड़ रुपये जमा हैं। उस धन को देश के विकास के लिए वापस लाना होगा। बाबा रामदेव की यात्रा तीन राज्यों से होकर गुजरेगी।













Click it and Unblock the Notifications