आईएसआई का एजेंट कानपुर में गिरफ्तार

उसके कब्जे से एक मोबाइल, ग्वालियर से झांसी, कानपुर व रांची जाने वाली कई गाडिय़ों के अलग-अलग तारीखों के टिकट मिले। पुलिस ने रहमान को गिरफ्तार किया तो उसके पास भारतीय सेना से संबंधित प्रतिबंधित दस्तावेजों के अलावा उसकी पत्नी व बच्चों के फोटोग्राफ तथा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के मोबाइल नम्बर, ई-मेल आईडी भी मिले जिसे देखने कश बाद खुफिया एजेंसी के होश उड़ गए।
पूछताछ में जैल ने बताया कि उसने प्रारम्भिक शिक्षा रांची में पूरी की जिसके बाद वह पटना चला गया। पटना में वह इंजीनियरिंग की आग्रिम परीक्षा के लिए वह एक एजेंट के माध्यम से रुस गया और वहां 1993 से 1996 के बीच रहा। वहां करीब डेढ़ साल तक भाषा की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद आर्थिक समस्या के चलते वह फीस नहीं जमा कर सका जिस कारण वह इंजीनियरिंग की परीक्षा नहीं दे सका। उसने बताया कि वर्ष 1990 में वह अपनी मौसी से मिलने पाकिस्तान गया था वहीं उसने अपनी सगी मौसी की बेटी से वहां शादी कर ली थी।
पूछताछ में पता चला कि जैल की पत्नी करांची के एक कालेज में प्रवक्ता है। वह उससे मिलने अक्सर पाकिस्तान आता-जाता रहता है। जैल वर्ष 2002 में आईएसआई के एक अधिकारी के संपर्क में आया और उसने जासूसी के लिए उसे प्रलोभन दिया। ढेर सारा रुपया वह कई सुविधाओं के लालच में वह 2004 में आईएसआई के लिए काम करने लगा उसके बाद से लगातार वह आईएसआई के लिए जासूसी कर रहा है। जैल ने बताया कि वह ई-मेल के माध्यम सेमहत्वपूर्ण जानकारी पाकिस्तान भेजा था। उसने यह भी कबूल किया कि वह कई अन्य भारत में रहने वाले युवकों को प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान भेज चुका है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसने अभी तक कौन-कौन सी जानकारियां विदेश भेजी हैं।












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