अन्नागिरी नहीं आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे जाट
हिसार। आरक्षण पाने की जद्दोजहद में लगे हरियाणा के जाटों ने हरियाणा सरकार को यह कहकर कुछ समय के लिए चेन की सांस लेने का मौका दे दिया है कि वे अब जाटों को ओबीसी श्रेणी में लाने के लिए जारी उनके आंदोलन का फिलहाल रोक रहें हैं और सरकार 19 फरवरी 2012 तक उनकी इस मांग को पूरा करे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे 19 फरवरी के बाद फिर से संघर्ष की राह पकड़ लेंगे। यह बात आज जाट नेताओं ने हिसार से 12 किलोमीटर दूर मय्यड़ गांव में सुनील श्योराण के शहीदी दिवस पर रैली के दौरान कही। मय्यड़ रैली में आरक्षण की मांग के दौरान शहीद हुए सुनील श्योराण को श्रद्धांजलि दी गई।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान ने अनशन की बात को नकारते हुए यदि सरकार नहीं मानी तो वे फिर से सरकार को दबाव में लाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी रैली शांतिपूवर्क ढंग से कामयाब रही है। भारी संख्या में जाट बिरादरी के लोगों ने इस रैली में पहुंचकर शहीद सुनील को श्रद्धाजंलि दी है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने दिए गए अल्टीमेटम के अंदर हमारी मांगे नहीं मानी तो फिर हम करो या मरो की स्थिती में रहेंगे।
अखिल भारतीय जाट संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक का भी कहना है कि हम सरकार पर पूरी तरह से दबाव बनाएगं की सरकार किए हुए वायदे को पूरा करे। जिसमें उसने जाटों को ओबीसी के तहत सरकारी नौकरियों व शिक्षण संस्थानों में आरक्षण देने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि तकरीबन 40 हजार से अधिक लोगों ने इस रैली में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाई जिसमें महिलाओं के साथ-साथ अनेक खाप पंचायतों के लीडर भी मौजूद थे। शांतिपूर्वक ढंग से रैली संपन्न हो जाने से पूरे दिन तनाव में रही जिला पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली है।












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