यूपी: जौनपुर में हुआ था दिल्ली बम ब्लास्ट का ट्रायल

यूपी बम निरोधक दस्ता इन दिनों रसूलपुर नहर के इर्द गिर्द चक्कर लगा रहा रहा है। कारण यह कि गत अगस्त में रसूलपुर नहर में अचानक एक विस्फोट हुआ था। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आस-पास के इलाकों तक उसकी गूंज हुई थी। लोगों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी पुलिस ने जब नहर का निरीक्षण किया तो उनके हाथ कुछ नहीं लगा। धमाके की जानकारी बम निरोध दस्ते को दी गयी और जांच पड़ताल की तो पता चला कि धमाके में पीईटीएन का प्रयोग किया गया है। नहर में पानी का दबाव अधिक होने पर अधिकारियों ने मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया।
पीईटीएन (पेन्टा इथ्रिटॉल टेट्रा नाइटे्रट) नाम का यह विस्फोट बम बनाने में प्रयोग होता है। इस विस्फोटक की खास बात यह है कि इस पर पानी का कोई प्रभाव नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश विस्फोटकों को डिफ्यूज यानि नष्ट करने के लिए पानी का प्रयोग किया जाता है लेकिन पीईटीएन के साथ ऐसा नहीं हो सकता। आतंकवादियों को यह बात भली प्रकार मालूम है शायद यही कारण कि अब वह इस प्रकार के बेहद खतरनाक तत्वों का प्रयोग करने लगे हैं।
अब दिल्ली हार्ईकोर्ट के बाहर हुए बम विस्फोट में जब उपरोक्त विस्फोटक के प्रयोग की जानकारी मिली है तो यूपी के बम निरोधक दस्ते के होश उड़ गए। आनन फानन में पुरानी फाइलों को खंगाला जाने लगा। अधिकारी अब नहर पर मिले सबूतों की जांच पड़ताल करने में जुट गए हैं कि हो सकता है कि उनके हाथ कोई ऐसा सबूत लग जाए जिससे दिल्ली विस्फोट के खुलासे में कोई मदद मिले। हालांकि अभी तक पुलिस अधिकारियों की ओर से औपचारिक रूप से इस सम्बंध में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी जा रही है कि नहर पर क्या सबूत मिले थे और अब बम निरोधक दस्ता किस प्रकार की जांच करने की योजना बना रहा है।












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