मेरे 100वें जन्मदिन पर बच्चे चांद पर दें बर्थडे पार्टी: कलाम

डा. कलाम ने देश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए बच्चों को प्रेरणा दी और कहा कि वो अपने जीवन का लक्ष्य 15 से 17 वर्ष की आयु में ही तय कर लें। यदि बच्चे खुद यह फैसला लेंगे कि उनकी रुचि किसमें है और उन्हें क्या करना है तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। लेकिन इन सबके साथ सही दिशा-निर्देश भी जरूरी है।
कलाम ने अपने बचपन के दिन याद करते हुए बताया कि उनके शिक्षक ही उनके रोल मॉडल हुआ करते थे। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के निर्माण में वहां के शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान होता है, लिहाजा भारत को अच्छी क्वालिटी वाले टीचरर्स की जरूरत है। क्वालिटी एजूकेशन से ज्यादा जरूरी हैं क्वालिटी टीचर्स। कलाम ने कहा कि रचनात्मकता को आधार बनाकर ही तरक्की के रास्ते खोले जा सकते हैं। उन्होंने बच्चों साथ करीब एक घंटा बिताया और ढेर सारे सवालों के जवाब दिये।












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