गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं राष्ट्रीय भूमिका

इन खुलासों के मुताबिक मोदी भाजपा में चल रहे शक्ति संघर्ष के लिए भी खुद को तैयार कर रहे हैं। यही नहीं पार्टी में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए नरेंद्र मोदी गुजरात में अपना आधार बढ़ा रहे हैं। गुजरात को निवेश के लिए बेहतरीन जगह बताकर पार्टी में खुद को मजबूत कर रहे हैं। हालांकि अल्पसंख्यकों के लिए अनुकूल माहौल बनाने में गुजरात के मुख्यमंत्री निश्चित रूप से असफल रहे हैं। विकिलीक्स के अनुसार, अमेरिकी राजनयिकों ने भाजपा में मोदी के बढ़ते प्रभाव पर केंद्रित केबल नई दिल्ली को भेजा था।
इसमें यह दावा किया गया है कि नरेंद्र मोदी की नजर राष्ट्रीय राजनीति पर है। वर्ष 2005 में किए गए आकलन के आधार पर केबल में बताया गया है कि मोदी भाजपा के सबसे लोकप्रिय नेता और प्रधानमंत्री के दावेदार हो सकते हैं। मोदी को अमेरिका का वीजा देने से इंकार करने की घटना के बाद यह केबल भेजा गया था। केबल में यह भी कहा गया था कि पार्टी में उन्हें प्रमुख चेहरा बनाने की कवायद भी तेज कर दी गई है। साथ ही यह दावा किया कि भाजपा के मोदी को प्रधानमंत्री का दावेदार बनाए जाने पर सभी पंथनिरपेक्ष पार्टियां एक हो सकती हैं।
केबल के अनुसार आंतरिक कलहों से घिरी भाजपा में मोदी प्रभावशाली बनते जा रहे हैं, समय आने पर वह किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे। इसमें आगे कहा गया है कि अमेरिका द्वारा वीजा देने से इंकार करने के बाद मोदी ने प्रबंधकीय कौशल के बल पर खुद को लोगों के सामने एक राष्ट्रीय नेता के रूप में पेश किया है। उनकी आर्थिक नीतियों के कारण गुजरात ने विकास के नए आयाम स्थापित किए।












Click it and Unblock the Notifications