सनसनीखेज खुलासा: आतंकी हेडली को भारत लाना ही नहीं चाहती थी सरकार

विकीलीक्स के अनुसार यह बात किसी और ने नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने तत्कालीन अमेरिकी राजदूत से दिसंबर 2009 में कहा था। नारायणन ने अमेरिकी राजदूत से कहा था कि हेडली के प्रत्यपर्ण की मांग महज एक दिखावा है ताकि भारत देश की जनता शांत रहे। उन्होंने कहा था कि भारत सरकार हेडली के प्रत्यापर्ण को लेकर कोई खास उम्मीद नहीं कर रही और ना ही कोई खास रूचि दिखा रही है।
विकीलीक्स के मुताबिक अमेरिकी राजदूत रोमर भी नहीं चाहते थे कि हेडली को भारत में भेजा जाये क्योंकि उनका मनना था कि हेडली के पास कई ऐसी अहम जानकारियां हैं जो आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की जंग में सहायता मिलेगी, और अमेरिका के दुश्मनों के बारे में पता चलेगा। आपको बता दें कि गौरतलब है कि हेडली ने पिछले साल शिकागो की अदालत में अपने गुनाह कबूल लिए थे और अब उसे सजा का इंतजार है और अब जब तक हेडली की अमेरिका में सजा पूरी नहीं हो जाती वो भारत नहीं आ सकता। विकीलिक्स के इस खुलासे को एमके नारायणन ने बेतुका बताया है।












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