कांग्रेस से विवाद के बाद अजित सिंह का अन्ना को समर्थन

लखनऊ में अजित सिंह ने कहा कि अन्ना हजारे द्वारा भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए जो आन्दोलन शुरु किया है वह शहरों तक ही नहीं बल्कि गांव-गांव तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी अब देश में फैल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है। बावजूद इसके केन्द्र सरकार जनता की भावनाओं की अनदेखी कर रहा है। राष्ट्रीय लोकदल श्री हजारे के जनलोकपाल का पूरा समर्थन करती है।
मालूम हो कि अजित सिंह ने दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक में श्री हजारे के आन्दोलन का समर्थन किया था तथा सरकार के लोकपाल विधेयक को वापस लेने की मांग की थी लेकिन जनलोकपाल विधेयक पर चुप्पी साध गये थे। उन्होंने केन्द्र सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि सरकार अन्ना हजारे के अनशन को समाप्त कराने के लिए पहल करे और भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकारी लोकपाल बिल को वापस ले। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए अन्ना टीम द्वारा तैयार किए गये जनलोकपाल को संसद में रखा जाए।
उनका कहना है कि सरकार संसदीय परम्पराओं की बात कर रही है लेकिन कोई भी संसद जनभावनाओं की अनदेखी नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि जनता का अधिकार है कि वह अपनी बात रखे और कानून उसकी भावनाओं के अनुरुप बने। श्री सिंह का कहना है कि संसद बड़ी या राजा यह ब्रिटेन में हो सकता है लेकिन अपने देश में ऐसा नहीं होता है। उन्होंने कहा कि सभी विधेयक स्थायी समिति को भेजे जाते हैं, पहले भी सरकार कई विधेयक संसद में पेश करने के बाद पारित कर चुकी है। उनका कहना है कि यदि केन्द्र सरकार चाहे तो जनलोकपाल विधेयक को भी संसद में चर्चा कराकर पारित करा सकती है।












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