हरियाणा: सिरसा में ताबड़तोड़ फायरिंग कर युवक की हत्या

लोगों ने प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष प्रकट किया। जानकारी के अनुसार शहर के वार्ड 4 निवासी बिशंबरदास का युवा पुत्र सुनील उर्फ विक्की टिब्बी अड्डा पर फलों की रेहड़ी लगाता था। बिशंबरदास की मृत्यु हो चुकी है तथा विक्की घर में इकलौता कमाने वाला था। बुधवार रात्रि करीब सवा दस बजे वह अपना काम निपटाकर घर की ओर आने की तैयारी कर रहा था, उसी समय करीब आधा दर्जन युवक वाल्मीकी चौक की ओर से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते हुए वहां आए। इस गोलीबारी में सुनील उर्फ विक्की को गोली लग गई और वह वहां गिर पड़ा। इस घटनाक्रम में वार्ड 9 निवासी युवक असगरअली व किशोर मुस्ताक अली को भी गोली लगी जिससे वे दोनों घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावर युवकों ने करीब दस राऊंड गोलिया चलाई थी और गोलीबारी करने के उपरांत वे वहां से फरार हो गए। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास मौजूद घरों के लोग बाहर निकलकर आए और उन्होंने घायल पुलिस को फोन करके सूचित किया। लोगों ने घायलों को सामुदायिक चिकित्सा केंद्र में भर्ती करवाया जहां से उनकी गंभीरावस्था को देखते हुए सिरसा के सामान्य अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। लेकिन बीच रास्ते में ही घायल विक्की ने दम तोड़ दिया।
लोगों ने बताया कि सूचित करने के बावजूद पुलिस काफी देर बाद घटनास्थल पर पहुंची। आज सुबह जैसे ही लोगों को घटना की सूचना मिली दुकानदारों ने एकजुट होकर पुलिस के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए दुकानें बंद कर दी। बाद में सभी लोग मृतक सुनील उर्फ विक्की के घर पहुंचे। वहां का माहौल काफी करुण था। पीडि़त परिवार को सांत्वना देने के लिए एसडीएम रोशनलाल, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह खोसा, भागीराम, अभय सिंह खोड, डॉ. विनोद गोदारा, रघुबीर सिंह जांगड़ा, धर्मपाल गुंबर, अनिल भादू शहर के सैकड़ों गणमान्यजन भी पहुंचे। पुलिस ने स्थिति की नजाकत को देखते हुए पूरे शहर में भारी पुलिसबल तैनात कर दिया।
पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप टिब्बी अड्डा के दुकानदारों ने बताया कि पिछले काफी दिनों से इस क्षेत्र में कुछ आवारा किस्म के लड़के दुकानदारों से हफ्ता वसूली करने आते हैं। जो दुकानदार उन्हें हफ्ता नहीं देता वे उसके साथ मारपीट करते हैं। पिछले वर्ष भी यहां एक युवक की हत्या हो गई थी जिसके सभी आरोपी जेल से बाहर आ चुके हैं। दुकानदारों ने बताया कि पुलिस को बार-बार शिकायत करने के बाद भी दुकानदारों की सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया गया है। जिसके फलस्वरूप एक बार फिर एक मासूम को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
यदि समय रहते उक्त आवारा किस्म के युवकों पर नकेल कस लेती तो यह दिन नहीं देखना पड़ता। दुकानदारों ने बताया कि मृतक विक्की का कभी किसी से झगड़ा नहीं हुआ। वह निहायत ही शरीफ किस्म का युवक था, जो हमेशा अपने काम से काम रखता था। पुलिस की निष्क्रियता के कारण ही उसकी जान गई है। यदि सूचना के बाद पुलिस समय पर आजाती तो ना केवल विक्की की जान बच जाती बल्कि हमलावर युवक भी पकड़े जाते। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त नहीं हो जाता, वे अपनी दुकानें नहीं खोलेंगे।












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