संसद में पहली बार महंगाई पर आमने-सामने होगी सरकार व विपक्ष

मानसून सत्र के पहले 2 दिन बहुत ही हंगामे भरे रहे हैं। दोनों दिन संसद के दोनों सदनों की कार्रवाई महंगाई पर हंगामे की वजह से स्थगित करनी पड़ी थी। विपक्ष ने मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा में महंगाई पर वोटिंग की मांग करते हुए संसद की कार्रवाई बाधित की। मंगलवार को जब संसद के दोनों सदनों में कार्रवाई 2 बार बाधित हुई तो सरकार ने इस पर बहस करने को लेकर विपक्ष से समझौता कर लिया।
लोकसभा में महंगाई पर बहस के बाद राज्यसभा में भी इस पर बहस होगी। यह बहस नियम 167 के तहत होगी। इस नियम के तहत राज्यसभा में भी महंगाई पर होने वाली बहस के बाद इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। राज्यसभा में भी महंगाई पर बहस सरकार और विपक्ष के बीच हुए समझौते के तहत होगी। विपक्ष और भी कई मुद्दों पर सरकार पर दबाव बनाने को तैयार है। महंगाई के मामले में प्रमुख विपक्षी दल एनडीए के साथ लेफ्ट भी खड़ी है। वहीं हमेशा महंगाई का रोना रोने वाले छोटे दल सपा, बसपा और तृण्ामूल ने संसद की कार्रवाई के दौरान अपनी कोई प्रतिक्रिया इस मुद्दे पर व्यक्त नहीं की।
महंगाई के अलावा लोकपाल पर भी इस मानसून सत्र में सबकी नजर होगी। पहले लोकपाल बिल के मानसून सत्र के तीसरे दिन यानिकि बुधवार को पेश किया जाना था। महंगाई पर बहस और वोटिंग की वजह से इसे अब गुरुवार को पेश किया जाएगा। वैसे भी लोकपाल बिल के लिए ही सरकार ने संसद के मानसून सत्र को 15 दिन की देरी से शुरू किया था। अब देखना है कि आजादी के बाद पहली बार संसद में महंगाई पर होने वाली बहस और वोटिंग का क्या नतीजा निकलता है। आम आदमी तो इस सबसे यही चाहता है कि महंगाई पर काबू हो सके।












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