सेक्स रैकेट से मुक्त करायी गयी लड़कियों का पुनर्वास

राजधानी लखनऊ में गठित इस एंटी टैरेफिकिंग यूनिट का नोडल अधिकारी एपी क्राइम ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी को बनाया गया है। उनके मुताबिक यह यूनिट आकस्मिक निरीक्षण व छापेमार र्कारवाई कर इन रैकेटों का पर्दाफाश करेगी। इन रैकेटों व धंधों से मुक्त कराने के बाद बच्चों व लड़कियों की काउंसलिंग की जायेगी। समिति में मौजूद महिला सदस्य लड़कियों को सुधारने का काम करेंगी ताकि वह दुबारा उस धंधे में न फंसे।
इस यूनिट के गठन का मुख्य मकसद यही है कि मुक्त होने के बाद लड़कियां दुबारा उसी दलदल में न जाये। अभी तक सेक्स रैकेट से मुक्त करायी गयी लड़कियां या बंधुआ मजदूरी से छुड़ाये गये बालक कोई और काम न मिलने पर उसी धंधे में दुबारा चले जाते हैं। इस यूनिट के जरिए बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराये गये बच्चों की शिक्षा की भी व्यवस्था की जायेगी। उम्मीद की जा रही है कि इस यूनिट का गठन होने के बाद उन्हें पुनर्वास के अवसर भी मिलेंगे साथ ही रोजगार के साधन भी उपलब्ध होने से वह हमेशा के लिए ऐसे धंधों से मुक्त हो सकेंगे।












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