राजीव आवास योजना में पारदर्शिता जरूरी

वहीं राज्यों ने राजीव आवास के लिए भू-अर्जन में भी केंद्र से सहायता की अपील की है और कहा कि केंद्र इसमें भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाए और इसकी राशि 50 फीसदी से ज्यादा करे।
गौरतलब है कि देश को झुग्गी मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने राजीव आवास योजना की घोषणा की थी जिसकी अगुवाई केंद्रीय आवास व शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री कुमारी सैलजा कर रही हैं। उन्होंने शनिवार को राज्यों के नगर विकास मंत्रियों और स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में सभी राज्यों ने इसमें रुचि दिखाई। पर पैसे को लेकर हर किसी ने अपना रोना रोया।
बिहार समेत पूरे उत्तर भारत के राज्यों और उड़ीसा ने कहा कि उनके संसाधन सीमित हैं। स्थानीय निकायों के पास न तो पैसे हैं और न ही कुशल प्रशासन। लिहाजा केंद्र को बड़ी भूमिका निभानी होगी। हालांकि सैलजा ने उन्हें इस बाबत उचित कार्रवाई का भरोसा दिया औऱ बताया कि 12वीं योजना के अंत तक देश के लगभग 250 शहरों को इसमें शामिल किया जाना है। ताकि देश का चेहरा बदल सके। केंद्र जितना हो सकेगा उतनी मदद करेगा पर राज्यों को भी इसके लिए साहस करनी होगी जिससे गरीबों को स्वच्छ व सुविधाओं से पूर्ण आवास मिल सके। सैलजा ने आवास योजना में पारदर्शिता लाने पर भी जोर दिया औऱ कहा कि इसके बिना देश को झुग्गी मुक्त कराना संभव नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications