अब भारत में दहशत ही दहशत, एक हुए आईएम और लश्कर

मुंबई क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक जून माह में दानिश रियाज को गिरफ्तार किया गया था। उसने पूछताछ में तालिबान और इंडियन मुजाहिदीन के बीच सांठगांठ का खुलासा किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर दानिश रियाज की कोलकाता के हारून सहित 5 आतंकियों से पिछले दिनों ई-मेल के जरिए बातचीत हुई थी। हारून हाल ही में हैदराबाद गया था। जहां उसकी रियाज से बातचीत हुई थी। इस दौरान हमलों की साजिश रची गई। इन सारी गतिविधियों को दानिश की वडोदरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी से पहले ही अंजाम दिया गया था।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के मुताबिक रियाज के मेल से इस बात की भी खुलाया हुआ कि 10 लड़कों को पाकिस्तान में आतंक की खास ट्रेनिंग देने के लिये भेजा गया है।पूरे मामले में इस बात का भी खुलासा हुआ कि हारून तालिबानी आतंकियों के संपर्क में रह चुका है। इन सबके अलावा दानिश रियाज जब झारखंड में था तो उसने 2008 बम धमाकों के आरोपियों तौकीर, मुजीब व अब्दुल रज्जाक को पनाह दी थी। दानिश इंडियन मुजाहिद्दीन में युवाओं को भर्ती कराने के लिये गुजरात गया था।
दानिश ने सबसे सनसनीखेज खुलासा इस मामले में किया कि इंडियन मुजाहिद्दीन के पास बीते वर्षों में फंड की कमी हो गई थी जिसके चलते वह शांत हो गया था अन्यथा उसके हमले में कमी नहीं आती और अब तक भारत में कई धमाके हो चुके होते। इस मामले में एक और सनसनीखेज खुलासा करते हुए रियाल ने पुलिस को बताया कि फंड मजबूत करने के लिये उन लोगों ने मध्य प्रदेश में लूट की घटना को अंजाम दिया। मालूम हो कि इस मामले में अलग अलग जगहों से 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया और इन सभी ने कबूल किया कि वो आईएम के लिए काम करते हैं और लूट का ये पैसा आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल होना था।
रियाज द्वारा किये गये इन खुलासों को अगर गंभीरता से ली जाये तो एक बात तो साफ हो चुका है कि भारत के उपर आतंक के घने काले बादल मंडरा रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों को सर्तक कर दिया गया और देश के कई बड़े और प्रमुख राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के बाद भी ध्यान देने की बात यह है कि दोनों आतंकी संगठनों ने मिलकर भारत में दहशत फैलाने की तैयारी कर ली है।












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