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सरकार ने दी गोरखालैंड प्रशासन को मंजूरी

By Super
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Center give administrative freedom to Gorkhaland
सिलिगुडी। केंद्र सरकार ने गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन के गठन को मंजूरी दे दी है। इसके लिए गोरखा जनमु‍क्ति मोर्चा और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच त्रिपक्षीय समझौते पर सोमवार को हस्‍ताक्षर किए गए। इसके लिए गृहमंत्री पी चिदंबरम ने पहले ही हरी झंडी दे दी थी। इस समझौते के लिए बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के मुखिया बिमिल गुरंग से मिली थीं। इस समझौता के समय राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारी राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिये मौजूद थे.

लेफ्ट ने खुद को इस समझौते से अलग रखा है। उसका कहना है कि इस समझौते से राज्‍य में हिंसा बढ़ेगी और साथ ही अलग गोरखालैंड राज्‍य बनाने की लोगों की मांग को बल मिलेगा। इसके अलावा कई वर्गो ने प्रस्तावित पर्वतीय प्राधिकरण का नाम 'गोरखालैंड" रखे जाने को लेकर आपत्ति जताई है। राज्‍य की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले पर कहा था कि केवल नाम बदलने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। नाम को लेकर राजनीति बंद होनी चाहिए।

लेफ्ट ने इस समझौते के विरोध में उत्‍तरी बंगाल में बंद का एलान किया है। इसके लिए सोमवार को दुकाने बंद रखी गई और सड़कों पर सन्‍नाटा पहरा रहा। राज्‍य के कई इलाकों में बंद का बुरा असर देखने को मिला। लेफ्ट सदस्‍य प्रकाश करात का कहना है कि राज्‍य सरकार और केंद्र सरकार ने इस समझौते पर हस्‍ताक्षर करके बहुत बड़ी भूल की है। अब अलग गोरखालैंड की मांग फिर से उठेगी।

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English summary
Center give administrative freedom to Gorkhaland. Trinamool Congress government in West Bengal signed on the agreement for the creation of Gorkhaland Territorial Administration. Left opposed this agreement.
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