चव्हाण की टिप्पणी से कांग्रेस, एनसीपी में मनमुटाव

मुंबई बम हमलों के बाद एक टीवी को दिए साक्षात्कार में पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि गृह मंत्रालय जैसा अहम मंत्रालय गठबंधन की अन्य पार्टी के पास होने से इसके काम काज पर असर पड़ता है। मुंबई आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां इसके खिलाफ कारगार रणनीति अपनानी चाहिए। दूसरी पार्टी के पास यह मंत्रालय होने के बाद इसमें सीधे तौर पर दखल नहीं हो पाती है। चव्हाण ने कहा कि 2008 में हुए 26/11 मुंबई बम धमाकों से भी कांग्रेस ने सीख नहीं ली थी। उस समय भी एनसीपी के पास ही गृहमंत्रालय था।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने इस तरह की बयानबाजी हाईकमान के कहने पर ही की है। मुंबई पर हुए सिलसिलेवार बम धमाकों का आरोप गठबंधन में शामिल एनसीपी पर मढ़कर कांग्रेस को इस पूरे मामले से पाक-साफ तरीके से निकाला जा सके। चव्हाण ने गृहमंत्रालयक के साथ-साथ वित्त मंत्रालय पर भी निशाना साधा है। गठबंधन के बाद से ही दोनों महत्वपूर्ण मंत्रालय एनसीपी के पास है।
चव्हाण ने कहा है कि राज्य में 1999 के बाद से कांग्रेस और एनसीपी के गठबंधन की सरकार चल रही है। उन्होंने कहा कि इस वजह से राज्य सरकार के काम-काज के तरीके पर असर पड़ रहा है। इस वजह से राज्य की सुरक्षा में ठील हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन का यह फार्मूला 1995 में शिवसेना-भाजापा गठबंधन से लिया गया था। अब इसमें बदलाव का समय आ गया है।












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