तेलंगाना: 'रेल रोको अभियान' नहीं होगा

यह रेल रोको अभियान तेलंगाना संयुक्त कार्य समिति (जेएसी) करने वाली थी। इस अभियान से आंध्र प्रदेश के लगभग 10 जिलों में रेल परिवहन प्रभावित होता। इसका सबसे ज्यादा असर हैदराबाद और सिकंदराबाद से गुजरने वाली रेलगाडि़यों पर पड़ता। रेल रोको अभियान में लाखों समर्थकों के शामिल होने का अंदेशा था।
इस अभियान में कांग्रेस, तेलगू देशम पार्टी और टीडीप के वे सभी सांसद और विधायक शामिल होने वाले थे जिन्होंने तेलंगाना मांग के लिए इस्तीफा दिया था। रेल रोको इस अभियान को देखते हुए दक्षिण मध्य रेलवे ने ट्रेनों को रद्द करने और उनका रूट बदलने का फैसला किया था।
इसके अलावा राज्य परिवहन निगम ने बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया था। इससे पहले तेलंगाना मांग को लेकर हुए 2 दिन के बंद में प्रदेश में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा था। रेल रोको अभियान को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बंद के दौरान प्रदेश में कई जगह तोड़ फोड़ की घटनाएं हुई थीं।












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