अब रेलवे सुरक्षा कर्मियों को मिलेंगी ए के 47

सुरक्षा के तहत उत्तर रेलवे के चार प्रमुख स्टेशनों लखनऊ, अयोध्या, फैजाबाद और वाराणसी में क्लोज सॢकट कैमरे लगाये जाएंगे। कैमरों को इंटरनेट से जोड़ा जाएगा ताकि मुख्यालय समेत सभी जगहों से उन पर नजर रखी जा सकी। इसके अतिरिक्त स्टेशनों पर मेटल डिटेक्टर, स्केङ्क्षनग मशीन और स्टिल कैमरों की भी व्यवस्था की जाएगी। कैमरों की मॉनीटरिंग दिल्ली समेत सभी मुख्यालयों से की जाएगी। अधिकारी बताते हैं कि दिल्ली में बैठे अधिकारी संवेदनशील स्टेशनों पर नजर रख सकेंगे तथा सभी छोटी बड़ी गतिविधि को देख सकेंगे।
ज्ञात हो कि आयोध्या रेलवे स्टेशन पर 28 मार्च 1998 को बम पाया गया था जबकि वाराणसी रेलवे स्टेशन पर सात मार्च 2006 को आतंकी हमला हुआ था। अयोध्या में मिले बम को निष्क्रिय करने में फैजाबाद के तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल अग्रवाल समेत पांच पुलिसकर्मी गंभीर रुप से घायल हो गये थे। स्टेशन पर यात्रियों की जांच के लिए स्कैनर मशीन भी लगायी जाएगी। रेलगाडियों के भीतर रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को अब कारबाइन, ए के 47 तथा इंसास जैसे अत्याधुनिक हथियारों से लैस किया जाएगा।
रेल की सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी योजना तैयार की है। रेल यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात आरपीएफ जवानों आधुनिक हथियारों को चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सहायक सुरक्षा आयुक्त रेलवे सुरक्षा बल आर.एन.शर्मा के अनुसार आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कडी करने पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि देश भर में आरपीएफ कांस्टेबिल, सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सुरक्षा आयुक्त के 13 हजार पद रिक्त हैं जिन्हें भरे जाने की प्रक्रिया शुरू करा दी गयी है।












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