राजनीतिक दलों से संपर्क साधने में जुटी टीम अन्ना

सूत्रों ने बताया कि टीम अन्ना की पूरी कोशिश कांग्रेस अध्यक्ष से लोकपाल विधेयक पर आश्वासन के बजाय ठोस मत लेने की होगी। चूंकि, कांग्रेस लगातार कह रही है कि जो सरकार का मत होगा, वही उसका होगा। इसलिए, टीम अन्ना चाहती है कि कांग्रेस के सर्वोच्च नेता से उसका मत लेने की कोशिश की जाए। मगर कांग्रेस अध्यक्ष ने शुरू से लेकर अभी तक पत्ते नहीं खोले हैं।
ध्यान रहे कि अन्ना हजारे ने जब लोकपाल पर पत्र लिखा था तो भी सोनिया ने उनकी मंशा का पूरा समर्थन किया था, लेकिन मुद्दों पर उन्होंने अपना मत नहीं दिया। यहां तक कि दोबारा कपिल सिब्बल की बयानबाजी के खिलाफ जब अन्ना ने सोनिया को तीखा पत्र लिखा तो भी उन्होंने सपाट लहजे में उन्हें जवाब दे दिया था। मगर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लड़ाई के प्रतीक बने अन्ना को नजरअंदाज कर सोनिया कोई नया मुद्दा नहीं देना चाहती। इसीलिए, उन्होंने न सिर्फ अन्ना को मुलाकात का समय दिया है, बल्कि सरकार और उनके ड्राफ्ट पर अध्ययन भी किया है।
सूत्रों का कहना है कि मुलाकात तो ठीक से होगी, लेकिन इस मसले पर कांग्रेस अध्यक्ष किसी तरह का आश्वासन नहीं देने वाली हैं। कांग्रेस का रुख अन्ना को भी भलीभांति मालूम है। यही वजह है कि सोनिया से मुलाकात से पहले उन्होंने बयान दिया है कि जन लोकपाल के विरोधी विपक्षी दलों से निपटने में भी वह कोई गुरेज नहीं करेंगे।












Click it and Unblock the Notifications