अन्ना का सरकार को 30 जून तक का अल्टीमेटम

लोकपाल बिल ड्राफ्ट करने के लिए बनी समिति की बैठक से पहले अन्ना हजारे ने कहा कि आज भी हम धानमंत्री और न्यायपालिका को इस बल के दायरे में लाने की मांगों पर अडिग हैं। सरकार उनकी इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं है। अन्ना हजारे और उनकी सिविल सोसाइटी के मेम्बर्स ने पिछली बैठक में शामिल होने से भी मना कर दिया था।
अन्ना हजारे ने यह भी कहा कि सरकार और सिविल सोसाइटी के बीच जो भी बैठक हो उसकी वीडियोग्राफी होनी चाहिए। उनकी इस मांग को समिति के अध्यक्ष्ा प्रणव मुखर्जी ने यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि यहां कोई नौटंकी नहीं हो रही है। अन्ना हजारे ने यह भी आरोप लगाया था कि मंत्री बैठक में कुछ और बोलते हैं और मीडिया के सामने कुछ और जवाब देते हैं। बैठक में जो भी बाते हों वह आम ज नता के सामने आनी चाहिए।
सरकार द्वारा गैर निर्वाचित तानाशाह पुकारे जाने पर अन्ना हजारे ने उन्हें निर्वाचित तानाशाह करार दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार अलग-अलग लोगों से गलत तरीके की टिप्पणियां करवा रही है। उसका मकसद लोकपाल बिल और सिविल सोसाइटी को बदनाम करना है।












Click it and Unblock the Notifications