अब तिहाड़ के कैदी भी कमा सकेंगे पैसा

दरअसल, जेल मैन्युअल के तहत उन्हीं कैदियों से काम लिया जाता है, जिस कैदी को अदालत ने अपराधी घोषित कर सजा सुना दी हो। लेकिन, हजारों की संख्या में वर्षों से जेल में बंद कैदियों की कमाई के लिए लेबर पॉलिसी में बदलाव किया गया है।
दरअसल, मामले की सुनवाई के दौरान कैदियों को कई वर्ष तक जेल में रहना पड़ता है,और इस दौरान कैदी बिना काम के मानसिक तौर पर परेशान रहते हैं। इसी वजह से लेबरपॉलिसी में बदलाव कर विचाराधीन कैदियों को भी लाभ देने का फैसला लिया गया है।
दरअसल, अभी तक की लेबर पॉलिसी के अनुसार तिहाड़ जेल में दोषी करार कुशल मजदूर को 52 रुपये, अद्र्ध कुशल को 44 रुपये और अकुशल को 40 रुपये दैनिक मजदूरी दी जाती है। विचाराधीन कैदियों को भी इसी आधार पर मजदूरी दी जाएगी। कैदियों को जेल में ही एक एकाउंट खोला जाएगा और उनकी रकम को वहीं जमा किया जाएगा। यह एकाउंट
किसी बैंक का नहीं होगा यह जेल का अपना एकाउंट होगा। कैदी जब चाहेंगे अपने एकाउंट से पैसा निकाल सकते हैं। लेबर पॉलिसी में बदलाव के बाद करीब सात हजार विचाराधीन कैदियों को लाभ मिल पाएगा। हालांकि काम पहले दोषियों को मिलेगा उनके बाद ही विचाराधीन कैदी को काम दिया जाएगा।












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