मुस्लिम भाइयों की फिर याद आयी मुलायम को

सपा प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा जाति के आधार पर जनगणना कराने का फैसला स्वागत योग्य है किन्तु इसके साथ ही मुस्लिमों को आरक्षण दिए जाने पर भी सरकार को निर्णय लेने में देर नहीं करनी चाहिए। उन्होंने इसे जरूरी बताते हुए कहा कि जातीय जनगणना से सामाजिक, आर्थिक सुरक्षा योजनाओं के हकदारों की पहचान सामने आएगी। इससे भारत वर्ष के वंचित लोगों की ल बे अरसे से से उठ रही मांग पूरी होगी। काका कालेलकर से लेकर मण्डल आयोग तथा सर्वो"ा न्यायालय सभी जातियों की सं या सुनिश्चित करने की मंशा जता चुके हैं।
इस जातीय जनगणना से देश के विभिन्न समुदायों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने भाजपा पर कांग्रेस को इसके लिए जि मेदार ठहराते हुए कहा कि मुस्लिमों को आजादी के बाद से केन्द्र में कांग्रेस और भाजपा के शासनकाल में लगातार उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है। आजादी के समय मुसलमान अच्छी दशा में थे। उन्होंने आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कमेटी का हवाला देते हुए बताया कि मुसलमानों की हालत अब दलितों से भी बदतर हो गई है। उनको राष्ट्र की मुख्य धारा में शामिल करने के लिए आबादी के अनुपात में आरक्षण की सुविधा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार देश में कुल सरकारी सेवाओं में दलितों, पिछड़ों तथा मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत है जबकि शेष लोगों के पास 79 प्रतिशत नौकरियां है। इसका सीधा अर्थ है कि देश की 80 प्रतिशत नौकरियों पर एवं 95 प्रतिशत पूंजी पर मुश्किल से 14 प्रतिशत लोग काबिज है जबकि 86 प्रतिशत लोगों के पास 21 प्रतिशत नौकरियां है। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी क्षेत्रों में तो हालत और भी खराब है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द मुस्लिमों को आरक्षण दिया जाये।
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