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सरकारी नियंत्रण से मुक्त हो सीबीआई: मुरली मनोहर जोशी

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लखनऊ। सीबीआई जांचों पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं संसदीय लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष डा0 मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि सीबीआई को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना चाहिए। उन्होंने इसके लिए अलग कानून बनाने पर जोर दिया।

पीएसी का दोबारा अध्यक्ष बनाए जाने के बाद राजधानी लखनऊ आये डा.जोशी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच रिपोर्ट में पीएसी ने यह सुझाव दिया है कि सीबीआई को सरकारी नियंत्रण से मुक्त किया जाए और इसके निदेशक की नियुक्ति केन्द्रीय सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) और महालेखा नियंत्रक एवं परीक्षक (कैग) के तर्ज पर एक समिति के द्वारा की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि पीएसी का सुझाव है कि फिलहाल दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत काम करने वाली सीबीआई के लिए अलग कानून बनाया जाए और यह व्यवस्था की जाए कि वह हर छह महीने में अपने कामकाज के बारे में संसद में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें, जिसमें विस्तार से यह जानकारी हो कि सीबीआई ने कितने मामलों में जांच की और उसका निष्कर्ष क्या रहा और कितने मामले लंबित हैं।

कांग्रेस पर प्रधानमंत्री के कार्य प्रणाली पर टिप्पणी करते हुए डा जोशी ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री कहते हैं कि जनता भ्रष्‍टाचार के मामले में जल्दी कार्रवाई चाहती है और दूसरी तरफ उनके मंत्रिपरिषद के सदस्य जांच रूकवाते हैं। आखिर प्रधानमंत्री का मत्रिपरिषद के सदस्यों पर क्या असर है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि संप्रग सरकार के चार मंत्री कपिल सिब्बल, पी चिद बरम, पवन बंसल और नारायण स्वामी पार्टी के संसदीय कार्यालय में बैठ कर पीएसी में कांग्रेस के सदस्यों को निर्देश दे रहे थे। यह एक गंभीर मामला है क्योंकि पीएसी संसद की समिति है और दलीय राजनीति से ऊपर है।

जनलोकपाल विधेयक लाने के लिए अन्ना हजारे और सिविल सोसायटी की मांग पर सरकार के कुछ मंत्रियों की विरोधाभासी टिप्पणियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह सब जनतंत्र के लिए खराब स्थिति है।

पीएसी की रिपोर्ट पर मतदान में सपा बसपा के कांग्रेस के सदस्यों के साथ खड़े हो जाने को उन्होंने इन दलों की चाल बताते आरोप लगाया कि पीएसी की बैठक में कांग्रेस और सपा बसपा ने मिल कर जो आचरण किया उससे यह साफ है कि भ्रष्टाचार को बनाए रखने और भ्रष्टाचार विरोधी जांच रोकने में वे एक हैं। उन्होंने कहा कि सपा बसपा को यह साफ करना चाहिए कि वे भ्रष्टाचार की जांच कराना चाहते हैं अथवा जांच रूकवाना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश में तीनों दल आपस में लड़ते हैं। मगर केन्द्र में एकजुट हैं।

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English summary
BJP leader and PAC head Murli Manohar Joshi has said that Central Bureau of Investigation should be taken away from the government's control. While speaking to media in Lucknow Joshi also suggested to recruit CBI Director just like CVC and CAG.
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