नाना ने जिंदा दफन किया नवजात बच्ची को

सीतापुर के खैराबाद क्षेत्र निवासी देवचन्द्र की बेटी संगीता ने रविवार को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। जुड़वा बच्चों में एक लड़का तथा दूसरी लड़की थी। जन्म के कुछ समय बाद ही लड़की की मौत हो गयी। जबकि लड़की हालत काफी खराब हो गयी थी। मां संगीता तथा बच्ची की गंभीर हालत के चलते बच्ची को आईसीयू में रखा गया। चिकित्सकों ने बताया कि संगीता की हालत में तो सुधार हो रहा है लेकिन बच्ची के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है।
संगीता का पति सरजू प्रसाद रैदास जिले से बाहर होने के कारण संगीता की सारी जिम्मेदारी उसके पिता व बच्ची के नाना देवचन्द्र पर थी। देवचन्द्र ने नवजात बच्ची की मौत के बाद ही आपा खो दिया था। उसने अचानक चिकित्सकों से बीमार बच्ची को छीना और मर चुके बच्चे के साथ लेकर बाहर चला गया। देवचन्द्र दोनो बच्चों को कब्रिस्तान ले गया जहां उसने दोनों को एक साथ दफन कर दिया। बच्चों को दफन कर रहे देवचन्द्र पर एक टैक्सी ड्राइवर की नजर पड़ी। उसे कुछ गलत लगा।
शरीफ नाम के टैक्सी ड्राइवर ने देवचन्द्र के जाते ही मिटटी खोदी तो देखा कि एक बच्ची को दफन किया गया था। बच्ची बेहाश हो चुकी थी लेकिन उसकी सांसे चल रही थीं। ड्राइवर बच्चों को लेकर चिकित्सालय पहुंचा जहां उसने बच्ची को भर्ती कराया। डाक्टरों ने बच्ची को बचाने की भरसक कोशिश की लेकिन दो दिन तक ङ्क्षजदा रहने के बाद बच्ची की मौत हो गयी। घटना की जानकारी सीतापुर पुलिस को दी गयी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नाना देवचन्द्र व दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक पीयूष मोडिया के अनुसार नाना देवचंद समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा संगीता का पति सरजू प्रसाद रैदास को घटना की जानकारी देकर बुलाया गया था उनके आते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।












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