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भाजपा के आरोप पर मायावती की सफाई

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लखनऊ। लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठकों में केन्द्र सरकार का समर्थन करने के भारतीय जनता पार्टी के आरोप को मायावती की बहुजन समाज पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया है। बसपा ने स्पष्ट किया है कि उसने पीएसी की बैठकों में केन्द्र की कांग्रेस नीत सरकार का समर्थन नहीं किया था बल्कि उसने समिति के अध्यक्ष से टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले में संलिप्त लोगों को बेनकाब करने की मांग की थी।

बसपा के प्रवक्ता ने यहां जारी बयान में कहा कि पीएसी की बैठकों में पार्टी द्वारा कांग्रेस का समर्थन किए जाने के भाजपा के आरोप गलत हैं और ए इल्जाम राजनीतिक लाा लेने के मकसद से लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि बसपा चाहती है कि घोटालों को उजागर करने में जनता अपनी भागीदारी निभाए।

पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि बसपा को अपेक्षा थी कि पीएसी टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले की निष्पक्ष जांच करेगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पीएसी अध्यक्ष भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने इस मंच का इस्तेमाल अपनी पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए किया। भाजपा को कठघरे में कड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि वह यह बताए कि पीएसी अध्यक्ष जोशी ने टूजी स्पेक्ट्रम घोटाले के गवाहों के बयानात समिति के अन्य सदस्यों को उपलब्ध क्यों नहीं कराए।

बसपा ने जोशी से बयान सबन्धी दस्तावेज मुहैया कराने को कहा था ताकि उसके सदस्य उनका अध्ययन कर सकें लेकिन वे बयान उपलब्ध नहीं कराए गए। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा को इस बात का भी जवाब देना चाहिए कि समिति की रिपोर्ट का मसविदा मीडिया में आखिर कैसे लीक हुआ।

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English summary
Mayawati has now given explanation to Bhartiya Janta party on her Party's stand on PAC report.
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