पीएसी अध्यक्ष जोशी पर बौखलाए कांग्रेस-डीएमके, मांगा इस्तीफा

रिपोर्ट में आखिर है क्या?
2जी घोटाले की जांच कर रही पीएसी ने अपनी जांच में पाया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यद्यपि इन घोटालों में शामिल नहीं थे तथापि उन्हे इन अनियमितताओं की जानकारी पूरी तरह से हो चुकी थी। इसके बावजूद बजाय इन अनियमितताओं की जांच करने के उन्होने इसे ठंडे बस्ते में डालने का निर्णय लिया।
जोशी ने स्पष्ट रूप से प्रधानमंत्री के इस निर्णय के पीछे गृहमंत्री पी चिदंबरम को दोषी बताया है क्योंकि उन्होने ही प्रधानमंत्री को इस मामले के बंद करने के लिए सलाह दी थी। कुल मिलाकर जोशी की पीएसी ने प्रधानमंत्री को 2जी घोटाले का अप्रत्यक्ष और पी चिदंबरम को पूर्णरूपेण जिम्मेदार बताया है।
कांग्रेस-डीएमके साथ-साथ
अपने अनमोल रतन चिदंबरम को कपेटे में आते देख कर कांग्रेस का झल्लाना स्वाभाविक है। कांग्रेस नहीं चाहती कि 2जी घोटाले की जिम्मेदारी पीएमओ या फिर गृहमंत्री पर डाली जाय। कांग्रेस के मुताबिक ऐसा करने से जनता का देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर से विश्वास उठेगा जो हर तरह से हानिकारक है। इसलिए वह जोशी के बयान को दुर्भावनापूर्ण बता रहे हैं।
डीएमके इस समय 2जी घोटाले में इतनी बुरी तरह डूब चुकी है कि उसे इस मुद्गे पर कांग्रेस का साथ देना ही सबसे आसान तरीका नजर आ रहा है। दूसरी ओर घोटाले में डीएमके, कांग्रेस के मुकाबले ज्यादा डूबी हुई है। इसलिए भी किसी भी जांच से सबसे ज्यादा नुकसान उसी का है। इसलिए दोनों पार्टियों ने मिल-जुल कर जोशी का ही शिकार करने की योजना बना ली है। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को पीएसी की आखिरी मीटिंग है। इसके बाद समिति निर्धारित समयसीमा यानी 30 अप्रैल के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंप देगी।












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