साईं बाबा के अंतिम दर्शन पर उमड़ा आंसुओं का सैलाब

आश्रम से लेकर करीब दो किलोमीटर तक भक्तों की कतारें लगी हुई हैं। भक्त सुबह से अपने भगवान के अंतिम दर्शन के लिए खड़े रहे। शाम छह बजे जैसे ही बाबा का पार्थिव शरीर अस्पताल से निलयम लाया गया, लोग रोते-बिलखते अपने भगवान की ओर भागते नजर आये। आलम यह था कि कुछ जगहों पर भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा।
आश्रम के हॉल के अंदर साईं बाबा के भजन चल रहे हैं। आलम यह है कि भजन गाने वाले कई लोग गाते-गाते रो पड़े और बीच में रुक गये। भक्त जो कतारों में लगे हुए हैं। वे दोनों हाथ जोड़कर सिर्फ साईं बाबा का जप कर रहे हैं। साईं के भक्तों में हर वर्ग के लोग हैं। गरीब से लेकर अमीर तक बच्चों से लेकर वृद्धों तक। वे लोग ज्यादा गमगीन हैं, जो मानते हैं, कि उनका जीवन बाबा की देन है और उन्हीं की वजह से संवरा है।
कुलवंत हॉल में इस समय साईं के भजन चल रहे हैं। पाप कटे, दुख मिटे, लेत राम नाम, परम शांति, सुख निदान, दिव्य राम नाम... आदि भजनों की गूंज बाबा की आत्मा की शांति के लिए गाये जा रहे हैं। भक्तों को मानों सदमा लग गया है। हर आंख नम, हर दिल बेचैन। सभी यही कह रहे हैं- साईं अपनी कृपा बनाये रखना।
खास बात यह है कि पुट्टापर्थी के अधिकांश घरों में रविवार को चूल्हा तक नहीं जला। लोग बाबा के गम में डूब चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद लोगों को विश्वास है, कि बाबा हमेशा उनके दिल में रहेंगे।
आंध्र प्रदेश सरकार ने राज्य में चार दिनों का राजकीय शोक घोषित कर दिया है।












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