फारूक अब्दुल्ला की 'गे' टिप्पणी पर लोग हुए नाराज

Faooq Abdullah
नई दिल्ली। साल 2011 के आंकड़े जब से उजागर हुआ तब से लोगों के माथे पर बल पड़ गये है क्योंकि आंकड़ो के मुताबिक स्त्री-पुरूष का अनुपात बहुत खतरनाक है, जिसके चलते आने वाले दिनों में लड़कों को शादी के लिए लड़कियां नहीं मिलेगीं। जहां ये एक गंभीर और सोचनीय मुद्दा है वहीं जनता को उम्मीद है कि सरकार लिंग अनुपात को बराबर करने के लिए जनता में जागरूकता लायेगी लेकिन सरकार इस मामले में ठोस कदम उठाने की बजाय अजीबोगरीब बयान दे रही है।

गौरतलब है कि भारत में लिंग अनुपात में गिरावट आने पर केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि अगर लिंग अनुपात में इसी तरह से गिरावट आती गई तो शादी के लिए लड़कियां नहीं होंगी और हम सब 'गे" बन जाएंगे। जिसके बाद उनके बयान पर लोग अपनी प्रतिक्रिया देने लग गये , कुछ ने इसे बेहद बचकाना और अश्लील मजाक करार दिया है।

आपको बता दें कि गे वेवसाइट पिंक न्यूज ने अपनी वेबसाइट पर प्रमुखता से इस खबर को प्रकाशित किया जिसके बाद लोगों ने अपने प्रतिक्रिया में अब्दुल्ला के इस बयान को बेहद ही घटिया करार दिया है। कुछ लोगो ने कहा है अब्दुल्ला ने अपने बयान में समलैंगिकों का मजाक उड़ाया है।

गौरतलब है कि भारत में 2001 में 0-6 साल की उम्र तक के बच्चों में हर 1,000 लड़कों पर 927 लड़कियां थीं। जबकि 2011 की जनगणना की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक यह अनुपात 1,000 लड़कों की तुलना में 914 लड़कियों का हो गया है।

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