उत्तर प्रदेश: जंगल की सीमा में मकान बना रह सकेंगे किसान
लखनऊ।
प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ जब वनक्षेत्र में वर्षों से खेती करने वालों को यह हक मिला कि वे उसी जमीन पर महान बनाकर जीवन बिता सकें। राज्य के लखीमपुर जिले के टाइगर रिजर्व व दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के बीच में रहने वालों को वनाधिकार मिलने के कारण वे काफी खुश है। लखीमपुर के जिलाधिकारी ने उन्हें उनकी जमीन के मालिकाना हक का प्रपत्र प्रदान किया। id="toptextpromo">लखीमपुर
खीरी जिले में टाइगर रिजर्व और दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के बीच के सुरमा गांव देश का पहला ऐसा गांव हो गया जिसे वनाधिकार का लाभ दिया गया। जिलाधिकारी समीर वर्मा ने स्वयं वन क्षेत्र के सुरमा गांव पहुंचकर 289 लोगों को जमीन के मालिकाना हक प्रपत्र प्रदान किया। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>इसके
बाद वे गोलबोझी गांव गए जहां के 58 लोगों को यह हक दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह मांग पिछले काफी समय से उठ रही थी कि जो किसान वन क्षेत्र में वर्षों से खेती कर जीवन बिता रहे हैं उन्हें वन भूमि पर न सिर्फ खेती का हक मिले बल्कि वे उसी जमीन पर मकान बनाकर रह भी सकें। हालांकि इस बात में कई विरोधाभासी बयान भी रहे लेकिन आखिरकार सरकार ने उनकी मांगों को स्वीकार किया। सरकारी फैसले के तहत जिलाधिकारी ने जब किसानों को वनाधिकार का लाभ दिया तो उनकी खुशी का ठिकाना रहा।











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