अति दलितों को आरक्षण विधेयक पर भाजपा बसपा के साथ

भारतीय जनता पार्टी मायावती सरकार के खिलाफ उन मुददों की खोज में जुटी है जिन्हें बसपा भुला चुकी है। पहले मुददे के तहत भाजपा में अति दलितों के आरक्षण की बात निकालते हुए कहा कि जो कार्य 2001 में नहीं हो सका उसे अब किया जा सकता है। उन्होंने बसपा का याद दिलाते हुए कहा कि स्टे होने के कुछ समय बाद न्यायालय में मामला समाप्त हो गया।
श्री दीक्षित ने कहा कि बसपा सरकार ने न्यायालय से मामला समाप्त हो जाने के बाद भी इस दिशा में बसपा की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों की खामी ही है कि अनुसूचित जातियों के व्यापक समूह में सिर्फ एक जाति के लोग लाभ पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा सरकार सभी दलित जातियों की हितैषी नहीं है। बसपा सरकार का मात्र लक्ष्य सार्वजनिक कोष की लूट है। राज्य सरकार में चल रही लूट खसोट के कारण ही भ्रष्टाचार बढ़ा है लूट व हत्याओं की वारदातें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अति दलितों अति पिछड़ों के लिए विधेयक पुन: क्यों नहीं लाती, भाजपा समर्थन को तैयार है।












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