नहीं झुकी सरकार, हजारे ने 13 अप्रैल किया जेल भरो आंदोलन का ऐलान

क्या है अन्ना हजारे की मांग?
समाजसेवी अन्ना हजारे की मांग है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बने जन लोकपाल विधेयक मे जनता की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाए। अन्ना चाहते हैं कि इस बिल को मजबूत रुप देने के लिए बिल की ड्राफ्टिंग समिति का अध्यक्ष गैरसरकारी व्यक्ति हो और सरकार इसकी अधिसूचना जारी करे। लेकिन आज कपिल सिबब्ल ने सरकार की तरफ से हजारे की ये मांग मानने से इंकार कर दिया और इसके बाद सरकार पर दवाब बनाने के लिए हजारे ने जेल भरो आंदोलन की घोषणा कर दी।
गांधीवादी हजारे ने उनके समर्थन में आगे आई जनता से अपील की है कि वो इस आंदोलन को आहिंसात्मक जनआंदोलन की शक्ल दें। जेल भरो आंदोलन की पहले 12 अप्रैल को घोषणा की गई थी लेकिन उस दिन छुट्टी होने के कारण इसे 13 अप्रैल कर दिया गया।
हजारे की मांग को खारिज करते हुए कपिल सिब्बल ने सरकार की तरफ से कहाकि लोकपाल बिल का मसविदा तैयार करने में केवल सरकारी अधिकारी शामिल होंगे, इसमें किसी भी मंत्री को शामिल नहीं किया जाएगा। आगे सिब्बल ने कहाकि इस बारे में सरकार कोई अधिसूचना जारी नहीं कर सकती बस सरकार कानून मंत्रालय से एक आधिकारिक चिट्ठी और प्रेस रिलीज जारी कर सकती है












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