पत्नी को जिंदा जलाने वाले को उम्रकैद, सास-ससुर को 10 साल कैद

अभियोजन पक्ष के अनुसार फर्रूखाबाद निवासी पंकज अवस्थी की बहन अंजू अवस्थी का विवाद बरेली के किला इलाके के चौधरी मोहल्ला निवासी सुशील अवस्थी से वर्ष 1997 में हुआ। शादी के कुछ समय तक तो सबकुछ सामान्य चला लेकिन बाद में ससुराल वाले दहेज मांगने लगे। दहेज को लेकर पंकज की बहन अंजू पर लगातारदबाव बनाया जाता तथा तरह-तरह से उसका उत्पीडऩ किया जाने लगा।
25 मई 2003 में ससुराल वालों ने अंजू पर मिट्टी का तेल छिड़कर जला दिया। अंजू अवस्थी के भाई पंकज ने दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए उसके पति सुशील, सास बीना अवस्थी, ससुर शिवकुमार तथा तीन देवर पप्पू, अनुज और राजीव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
लगभग आठ वर्ष तक चली मुकदमें की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश रघुबर दयाल ने अंजू के ससुराल वालों को दहेज हत्या के लिए दोषी करार दिया। विवाहिता की हत्या के आरोप में पति सुनील को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी। इसके साथ ही न्यायालय ने ससुर शिवकुमार, सास बीना अवस्थी, देवर पप्पू, अनुज और राजीव को दस-दस साल की कैद एवं दो-दो हजार रुपया जुर्माना अदा करने का आदेश किया।












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