विकिलीक्स खुलासे से परेशान जेटली, महंगी पड़ी बयानबाजी
नई दिल्ली। विकिलीक्स खुलासे को आधार बनाकर कांग्रेस का बैंड बजाने की सोच रही भाजपा को अब अपनी ही चाल भारी पड़ रही है। क्योंकि सबसे ज्यादा बीजेपी ने ही विकिलीक्स को आधार बनाकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने घेरने की कोशिश की है। लेकिन विकिलीक्स के ताजा खुलासे ने भाजपा की नींद उड़ा दी है। इस बार खुलासे के निशाने पर है राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली।
विकिलीक्स खुलासे में कहा गया है कि 2005 में अरुण जेटली ने एक अमेरिकी डिप्लोमेट से कहा था कि हिंदू राष्ट्रवाद भाजपा के लिए सिर्फ मौका भुनाने का मुद्दा है। इस मुलाकात में जेटली ने यह भी कहा था कि लालकृष्ण आडवाणी अगले 2-3 सालों तक बीजेपी का नेतृत्व करेंगे उसके बाद अगली पीढ़ी के 5 नेताओं से कोई एक (जिसमें जेटली भी शामिल हैं) पार्टी की कमान संभालेगा।
हालांकि, अरुण जेटली ने ऐसी किसी भी टिप्पणी से इनकार कर दिया है। इस घटनाक्रम पर कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने बीजेपी को नसीहत दी कि 'जो खुद शीशे के घर में रहते हैं, उन्हें दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए।'













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