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भारत बना 'किराए की कोख' का सबसे बड़ा बाजार!

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नई दिल्ली। 'किराये की कोख' यानी 'सैरोगेट मदर'ये एक ऐसा शब्द है जिसे कुछ समय पहले हमार देश में बेहद वर्जित और बुरा माना जाता था लेकिन आपको जदानकर हैरत होगी कि आज के जमाने में भारत को 'किराये की कोख' के लिए सबसे सुरक्षित स्थान माना जाने लगा है। दरअसल यह एक सहायक प्रजनन तकनीक (एआरटी) है जिसमें एक महिला का बच्चा किसी दूसरी महिला के गर्भ में विकसित होता है।

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प्रजनन एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ शिवानी सचदेव गौड़ ने बताया, " इसका चलन बढ़ने की मुख्य वजह इस प्रक्रिया का सस्ता होना और भारतीय महिलाओं की स्वस्थ जीवनशैली है। गर्भावस्था के दौरान स्वस्थ जीवनशैली बहुत जरूरी होती है।" गौड़ ने कहा, "यहां की महिलाओं की जीवनशैली में नशीले पदार्थो, मद्यपान और धूम्रपान की बहुत कम जगह है। इसका बच्चे के स्वास्थ्य और मां पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा अन्य देशों की तुलना में भारत में इस प्रक्रिया के लिए बने कानून बहुत उदार हैं।"

भारत में किराए की कोख पर 50,000 रुपये से लेकर 100,000 रुपये (1,000 डॉलर से लेकर 2,000 डॉलर) तक का खर्च आता है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे अन्य देशों में इसी काम के लिए भारत की तुलना में पांच गुना अधिक खर्च आता है।

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English summary
Surrogate pregnancy, an assisted reproductive technique (ART) in which a woman carries in her womb the baby of another woman, has seen a spurt in India. Due to the healthier lifestyles of to-be mothers and lower costs compared to the West, India could become a global hub in the field, gynaecology experts say.
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