कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष के फैसले पर उच्च न्यायालय की मुहर
न्यायमूर्ति मोहन शांतानागौदर, न्यायमूर्ति एस. अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति एस. एस. बोपन्ना की खण्डपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। इससे पहले पीठ ने गत एक फरवरी को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के खिलाफ अविश्वास जताने वाले इन पांच निर्दलीय विधायकों को बोपैया ने अयोग्य ठहरा दिया था । इसके बाद इन विधायकों ने विधानसभाध्यक्ष के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी।येदियुरप्पा ने गत वर्ष पहले 11 अक्टूबर को ध्वनिमत से विश्वास मत जीता था। फिर 13 अक्टूबर को विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के बाद येदियुरप्पा ने फिर से बहुमत साबित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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