काला धन मामले में नाम सार्वजनिक करेंगे: सरकार

सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता और जाने-माने वकील राम जेठमलानी की याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ को सरकार के महान्यायवादी गोपाल सुब्रामण्यम ने यह आश्वासन दिया.राम जेठमलानी ने अपनी याचिक में आरोप लगाया है कि देश का दस शंख यानी एक करोड़ ख़रब डॉलर विदेशी बैंकों में जमा है और वह देश की संपत्ति है जिसे वापस लाया जाना चाहिए.
सुब्रामण्यम का कहना था कि जिन लोगों के ख़िलाफ़ काला धन विदेशी बैंकों में रखने के आरोप हैं, उन्हें नोटिस जारी किए जा चुके हैं.
सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने सरकारी वकील से पूछा कि हसन अली कहाँ हैं? हसन अली के ख़िलाफ़ भारत में कर अदा न करने का आरोप है और सरकार के मुताबिक उनके ख़िलाफ़ कर की सबसे अधिक रकम बकाया है.कोर्ट का कहना था, "ये आपकी ज़िम्मेदारी है कि उनके (हसन अली ख़ान के) ख़िलाफ़ मामला चलाने के लिए उनकी मौजूदगी सुनिश्चित करें और वे देश छोड़कर भाग न पाएँ."
सुब्रामण्यम का कहना था कि पुणे स्थित व्यवसायी हसन अली ख़ान भारत में ही हैं और सरकार वो सभी क़दम उठा रही है ताकि वे देश से बाहर न जा पाएँ.उन्होंने न्यायालय को एक बंद लिफ़ाफ़ा भी सौंपा और बताया कि सरकार ने काला धन मामले में जो क़दम उठाए हैं उनके बारे में जानकारी दी गई है.अब इस मामले की सुनवाई तीन मार्च को होगी.
ग़ौरतलब है कि केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी कह चुके हैं कि स्विस बैंकों में काला धन जमा करने के मामले में 17 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है.












Click it and Unblock the Notifications