पाकिस्तानी युद्ध अपराधियों सम्बंधी याचिका खारिज
दिसम्बर 1971 में बांग्लादेश के स्वतंत्र देश बन जाने के बाद पाकिस्तानी सैन्य कर्मी युद्ध बंदी बन गए थे। उन्हें भारत में युद्ध बंदियों के शिविर में रखा गया था और भारत-पाकिस्तान के बीच 1972 में हुए शिमला समझौते के बाद उन्हें पाकिस्तान को सौंप दिया गया था।
समाचार पत्र 'द डेली स्टार' की वेबसाइट, 'स्टार ऑनलाइन' के अनुसार न्यायमूर्ति इमाम अली की पीठ ने यह याचिका खारिज कर दी।
सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता फखरुल इस्लाम ने गत अक्टूबर को शिमला समझौते की वैधता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।
गत नवम्बर में उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ ने याचिका पर अलग-अलग निर्णय दिए थे।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए.बी.एम.खरुल हक ने उसके बाद अंतिम सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति इमाम अली की पीठ गठित की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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