पॉस्को ने सशर्त मंजूरी का स्वागत किया
पॉस्को इंडिया के प्रबंध निदेशक जी. डब्ल्यू. सुंग ने एक बयान में कहा कि वह नम्रता और कृतज्ञता के साथ माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री के फैसले को स्वीकार करते हैं।
उन्होंने कहा कि वे विभिन्न पक्षों द्वारा पर्यावरण और लोगों के रोजगार के प्रति जताई जा रही चिंता की सराहना करते हैं।
उन्होंने कहा कि कम्पनी क्षेत्र के विशेष पर्यावास की रक्षा करेगी और और पुनर्वास पैकेज द्वारा परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों के रोजगार की व्यवस्था की जाएगी।
पॉस्को की उड़ीसा में 12 अरब डॉलर की इस प्रस्तावित परियेाजना में स्टील, खनन और बंदरगाह की तीन परियोजनाएं शामिल है। तीनों के लिए अलग-अलग मंजूरी ली जानी है। परियोजना में होने वाला 12 अरब डॉलर का निवेश देश में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश होगा।
परियोजना भुवेश्वर से 100 किलोमीटर दूर तटवर्ती जगतसिंहपुर जिले में लगाई जाएगी।
मंत्रालय ने स्टील-सह-कैप्टिव बिजली संयंत्र को पर्यावरण मंजूरी देने के लिए इस पर 28 अतिरिक्त शर्ते लागू कर दी हैं। साथ ही राज्य के छोटे कैप्टिव बंदरगाह को पर्यावरण मंजूरी देते हुए इस पर 32 अतिरिक्त शर्तें लगा दीं।
सुंग ने कहा कि देश के एक जिम्मेदार नागरिक की तरह वह स्थानीय लोगों के कल्याण के लिए काम करते रहेंगे और परियोजना शुरू होने के बाद इसकी आमदनी का कुछ हिस्सा सामाजिक जिम्मेदारियों (सीएसआर) पर भी खर्च करेंगे।
उल्लेखनीय है कि हजारों की संख्या में स्थानीय निवासी पान की खेती उजड़ जाने और विस्थापन होने की डर से परियोजना का विरोध कर रहे हैं।
पॉस्को और सरकार का कहना है कि परियोजना से क्षेत्र में समृद्धि आएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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