बम का दूर से पता लगाने वाली प्रौद्योगिकी विकसित
पत्रिका 'साइंस' के अनुसार अमेरिका में प्रिंसटन विश्वविद्यालय में यांत्रिकी एवं अंतरिक्ष इंजीनियरिंग विषय के प्रोफेसर रिचर्ड मिल्स ने बताया, "हम अब लेजर किरण को भेजने और उसे फिर से प्राप्त करने में सक्षम हैं।"
उन्होंने बताया, "लौटने वाली किरणें हवा में मौजूद कणों से मिलेंगी और छिपाए गए बम के बारे में जानकारी देंगी।"
प्रिंसटन ने एक बयान में बताया कि यह लेजर प्रौद्योगिकी हवा में मौजूद रसायनों के बारे में पता लगाने वाली तकनीकी से अधिक शक्तिशाली है।
मिल्स ने विश्वविद्यालय के अन्य सहयोगियों आर्थर डोगारियू, जेम्स माइकल और प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी मार्लन स्क्यूली की मदद से इस प्रौद्योगिकी को विकसित किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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