काले धन पर न्यायालय ने सरकार से ब्योरा मांगा (लीड-1)
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि विदेशी बैंकों में रखे गए काले धन को वापस लाने के लिए उठाए गए कदमों की वह जानकारी मुहैया कराए।
न्यायालय ने महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम से कहा कि वह शपथ पत्र दाखिलकर विस्तार से बताएं कि एलजीटी बैंक और अन्य बैंकों में भारतीय नागरिकों के छुपाकर रखे गए धन के बारे में सरकार के पास क्या सूचना है।
न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एस. एस. निज्जर की खंडपीठ ने कहा, "अवैध धन को विदेशी खातों में छुपाकर रखने वालों अनाम लोगों के बारे में हम जानना पसंद करेंगे।"
न्यायालय ने महाधिवक्ता से कहा, "हमारे पास कुछ नामों वाली एक सूची है। इसमें कुछ आंकड़े दिए गए हैं। इनके बारे में आपको जानकारी है। इन व्यक्तिगत लोगों पर कौन सी जांच की गई और जांच की प्रकृति क्या है? आप इस सम्बंध में पूरा विवरण जानते हैं।"
न्यायालय ने कहा, "इस मामले में सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में हम जानना चाहते हैं। हम कर समझौते अथवा दोहरे कराधान से बचाव समझौता (डीटीएए) के बारे में बात नहीं कर रहे हैं।"
इस पर महाधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा, "हम इस मामले में एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करेंगे। हम किसी का बचाव नहीं कर रहे हैं। सरकारी के पास जो कुछ भी जानकारी है उसे हलफनामें में दिया जाएगा।"
महाधिवक्ता ने कहा, "हमारे पास छुपाने के लिए कुछ भी नहीं है लेकिन हम जर्मनी और भारत के बीच हुए दोहरे कराधान से बचाव समझौते से बंधे हुए हैं।"
सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्देश जाने माने वकील राम जेठमलानी की याचिका पर आया है जिसमें उन्होंने विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को कदम उठाने के लिए निर्देश देने की गुहार लगाई है।
जेठमलानी ने न्यायालय को बताया कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कहा है कि काले धन को सफेद बनाने के मसले पर सभी देशों को सूचनाएं बांटने की जरूरत है लेकिन भारत ने हाल ही में स्विट्जरलैंड के साथ एक प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर कर लिया, इससे भारत को वहां से सूचना पाना असंभव हो गया है।
न्यायालय ने कहा कि वह जानना चाहता है कि सरकार प्रोटोकॉल की एक प्रति उसके समक्ष पेश कर सकती है।
इस पर सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, "न्यायालय के समक्ष प्रोटोकॉल की एक प्रति पेश कर पाना संभव नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications