सोनवणे मामला : सीबीआई जांच की मांग, कर्मचारी हड़ताल पर (राउंडअप)
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने सोनवणे को शहीद करार दिया। पुलिस ने इस मामले में सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस बीच, सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ 200 स्थानों पर छापेमारी कर 170 लोगों को गिरफ्तार किया है।
सोनवणे की विधवा विजया ने मीडियाकर्मियों से कहा कि उन्हें राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनके पति की हत्या के पीछे की साजिश से पर्दा हटाने के लिए सीबीआई द्वारा निष्पक्ष जांच कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा, "मेरे पति की हत्या के पीछे बड़ी साजिश है। मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया जाना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। मुझे राज्य पुलिस पर भरोसा नहीं है।"
उधर, नई दिल्ली में सोनवणे को शहीद बताते हुए रेड्डी ने राज्य सरकार से इस हत्या के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने को कहा।
मालेगांव के तेल माफिया द्वारा की गई अधिकारी की हत्या की निंदा करते हुए रेड्डी ने कहा, "हमारा मानना है कि उनकी मौत नायक की तरह हुई। वह कर्तव्य निर्वहन के दौरान मारे गए। वह शहीद हुए हैं।"
उन्होंने कहा, "यद्यपि आपूर्ति व्यवस्था राज्य सरकारों का काम है लेकिन हमारा मानना है कि अधिकारी को अपनी उत्कृष्ट सेवा के दौरान मारा गया है।"
उन्होंने कहा, "हमने राज्य सरकार से दोषियों को कड़ी सजा दिलाने को कहा है।"
पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि तेल कम्पनियों ने सोनवणे के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्णय लिया है।
रेड्डी ने पेट्रोलियम पदार्थो में मिलावट रोकने के लिए त्रिस्तरीय कार्ययोजना की भी घोषणा की। रेड्डी ने कहा कि मिलावट रोकने के लिए छह महीने के अंदर नया 'चिह्न्क' प्रणाली लागू किया जाएगा। इसके लिए नए विश्वसनीय 'चिह्न्क' की पहचान की जा रही है।
साथ ही पेट्रोलियम पदार्थो की चोरी रोकने के लिए आपूर्ति व्यवस्था को ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा ट्रकों के जरिए होने वाले परिवहन की निगरानी के लिए 'ऑनलाइन इन्फोर्मेशन सिस्टम' लागू किया जाएगा। इसके जरिए डिपो से विभिन्न स्थानों तक ईंधन ले जाने वाले ट्रकों से उतारे जाने वाले तेल की मात्रा, गुणवत्ता आदि की सूचनाएं सतत रूप से संकलित की जाएंगी।
मिलावट रोकने के लिए केरोसिन की कीमत को नियंत्रण मुक्त करने के सवाल पर रेड्डी ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक रूप से जटिल है।
गौरतलब है कि 44 वर्षीय सोनवणे को स्थानीय तेल माफियाओं के एक गिरोह ने मंगलवार दोपहर को मनमाड के निकट छापेमारी की कार्रवाई के दौरान ही जिंदा जला दिया था।
इस घटना के विरोध में महाराष्ट्र राजपत्रित अधिकारी फेडरेशन हड़ताल पर चला गया है। हड़ताल में प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी राजपत्रित अधिकारियों के अलावा अन्य संगठन भी शामिल हैं।
महाराष्ट्र राजपत्रित अधिकारी फेडरेशन के महासचिव जी.वी. कुल्थे ने कहा, "भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए हम सरकारी अधिकारियों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग करते हैं। ड्यूटी के दौरान ही सोनवणे को जलाकर मार दिया गया। हम मांग करते हैं कि इस तरह की छापेमारी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच की जाए।"
कुल्थे ने बताया कि कर्मचारियों ने मुम्बई के अलावा नासिक, नागपुर, पुणे, औरंगाबाद, सोलापुर, उस्मानाबाद, ठाणे और सतारा में भी प्रदर्शन किया।
कई स्थानों पर कर्मचारियों ने जुलूस निकाला और हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग की। वे काली पट्टी बांधे हुए थे और काला झंडा लहरा रहे थे तथा 'यशवंत सोनवणे अमर रहे' का नारा लगा रहे थे। उन्होंने एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी को सुरक्षा नहीं दे पाने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की।
पुलिस ने इस मामले में सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें आठ फरवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
गुरुवार को मनमाड में स्कूल, कॉलेज और दुकानें पूरी तरह बंद रहीं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के.पी. रघुवंशी ने बताया कि अधिकारियों ने 200 जगहों पर छापेमारी कर तेल में मिलावट करने वाले 170 लोगों को गिरफ्तार किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने गुरुवार को तेल, दूध और बालू में मिलावट के खिलाफ राज्यभर में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया।
महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर. पाटील ने कहा कि मिलावट के कालेधंधे में राजनीतिक संलिप्तता का सबूत नहीं मिला है।
सोनवणे के वाहन चालक कैलाश गवली ने कहा है कि उसने उन्हें बचाने की कोशिश की थी लेकिन वह असफल रहा।
गवली ने कहा, "मंगलवार को घटना के समय उपस्थित शरारती तत्वों को मैं पहचान सकता हूं लेकिन मैं उस शख्स को नहीं पहचान सकता जिसने सोनवणे के शरीर में आग लगाई। मैं उसका चेहरा नहीं देख पाया।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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