कमलनाथ को राजनयिक उन्मुक्ति दिए जाने को चुनौती देगा सिख संगठन
वाशिंगटन, 27 जनवरी (आईएएनएस)। सिखों के एक संगठन ने कहा है कि 1984 के सिख विरोधी दंगे में मौजूदा केंद्रीय शहरी विकास मंत्री कमल नाथ की कथित भूमिका के लिए राजनीतिक उन्मुक्ति देने की भारत सरकार की किसी भी कोशिश को चुनौती दी जाएगी।
अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन, सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के कानूनी सलाहकार गुरपतवंत सिंह पनुन के अनुसार राजनीतिक उन्मुक्ति के मुद्दे पर अदालत निर्णय लेगा और अमेरिकी विदेश विभाग इस मुद्दे पर केवल अपनी अनुशंसा दे सकता है।
ज्ञात हो कि इसी संगठन ने पिछले अप्रैल में कमल नाथ के खिलाफ कानूनी याचिका दायर की थी।
गुरपतवंत ने गुरुवार को कहा कि यदि कमलनाथ को राजनीतिक उन्मुक्ति प्रदान की गई तो उसे अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी जाएगी और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में भी उसके खिलाफ याचिकाएं और शिकायतें दर्ज कराई जाएंगी।
विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलिप जे.क्राउले ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा था कि अमेरिका अभी भी इस बात की समीक्षा कर रहा है कि कमल नाथ को राजनीतिक उन्मुक्ति दी जा सकती है या नहीं।
न्यूयार्क की एक अदालत ने 1984 के सिख विरोधी दंगे में कथित भूमिका के लिए कमल नाथ को नोटिस जारी किया है।
क्राउले ने कहा था, "राजनीतिक उन्मुक्ति का मुद्दा अभी विदेश विभाग में विचाराधीन है, और हम इस बिंदु पर कोई निश्चय नहीं कर पाए हैं।"
पनुन के अनुसार न्यूयार्क के दक्षिणी जिले की अदालत ने सुनवाई पूर्व की पूछताछ के लिए कमल नाथ को नौ फरवरी को तलब किया है।
एसएफजे ने दो व्यक्तियों के साथ मिल कर एलियन टोर्ट क्लेम्स एक्ट (एटीसीए) एवं टार्चर विक्टिम प्रोटेक्शन एक्ट (टीवीपीए) के तहत अमेरिकी जिला अदालत में एक कानूनी याचिका दायर की थी। याचिका में अदालत से मांग की गई थी कि वह कमल नाथ के खिलाफ प्रतिपूरक और दंडात्मक क्षतिपूर्ति का आदेश जारी करे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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