'बीटिंग द रिट्रीट' में सुनाई देंगी दो नई धुनें
विजय चौक पर आयोजित होने वाले इस रंगारंग समारोह में सेना के मार्शल बैंड द्वारा तैयार ये धुनें प्रस्तुत की जाएंगी। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील इस समारोह की मुख्य अतिथि होंगी।
सेना के बैंड द्वारा तैयार नई धुनों में से एक 'गजराज' है। हाथियों से जुड़ी इस धुन का प्रयोग प्राचीन काल में भारतीय राजाओं द्वारा युद्ध में किया जाता था।
कैप्टन महेंद्र दास के अनुसार दूसरा धुन 'रेशमी' है, जो बहुत ही मधुर है। भारतीय सेना बैंड के प्रमुख दास यहां सेना के बैंडों के निरीक्षक के तौर पर मौजूद रहेंगे।
समारोह में बजाई जाने वाली इन दोनों धुनों के अलावा अधिकांश धुनें भी भारतीय शैली की होंगी। वर्ष 1950 से ही प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले 'बीटिंग द रिट्रीट' समारोह में यह एक दशक या उससे अधिक समय बाद होने जा रहा है।
समारोह में सेना के बैंड दो पश्चिमी धुनें- 'एबाइड विद मी' और 'हाई लंदन' भी प्रस्तुत करेंगे। समारोह में सेना के कुल 12 बैंड भाग लेंगे, जिनमें से नौसेना और वायुसेना के चार-चार बैंड होंगे। इनके अलावा समारोह में 15 बांसुरी एवं ढोल की इकाइयां, 72 बिगुल वादक तथा 12 तुरही बजाने वाले शामिल होंगे।
समारोह में नियमित धुनों के साथ स्वाधीन भारत से पूर्व के उर्दू कवि मोहम्मद 'अल्लामा' इकबाल का लिखा नगमा 'सारे जहां से अच्छा' पर आधारित धुन भी प्रस्तुत की जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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