घर वापसी के लिए बुजुर्ग महिला की गुहार
नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली में एक बुजुर्ग महिला ने अदालत से गुहार लगाई है कि उम्र के इस पड़ाव पर उसका बेटा उसकी देखरेख करे और उसे उसी घर में रहने की इजाजत दी जाए जहां वह अपने पति के साथ रहा करती थी।
पश्चिमी दिल्ली में रहने वाली 73 वर्षीया कमला शर्मा ने कहा है कि बेटे ने उन्हें अपने साथ रखने से साफ मना कर दिया है। बेटे का कहना है कि बीमार पत्नी और बेटी की वजह से वह उन्हें साथ नहीं रख सकता।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) निवेदिता अनिल शर्मा ने मामले को मेट्रोपोलिटन मेजिस्ट्रेट को लौटा दिया है और अदालत के आदेश को सही ठहराया है।
इसके पहले अदालत ने 'घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण कानून' के तहत मां को किराये के रूप में हर महीने 3,000 रुपये देने का बेटे को आदेश दिया था।
कमला वर्ष 2004 से किराए के कमरे में रह रही हैं। उन्होंने सत्र न्यायाधीश से अपील करते हुए कहा कि उन्हें घर में रहने की इजाजत दी जाए और उनके बड़े बेटे अनूप शर्मा को उनकी देखभाल करने और उनके लिए दवाइयों का इंतजाम करने का आदेश दिया जाए।
कमला के वकील ने कहा, "कमला की सेहत ठीक नहीं है और बुढ़ापे में बेटे को उनकी देखभाल करनी चाहिए। पति के निधन के बाद उन्हें घर से जबरन बेदखल कर दिया गया था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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