सीवीसी समिति को थॉमस के खिलाफ आरोप पत्र की जानकारी नहीं थी

इस उच्च अधिकार प्राप्त समिति में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदम्बरम के साथ ही लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज शामिल रहीं।

चयन समिति ने बहुमत के द्वारा स्वराज की आपत्ति को नजरअंदाज कर दिया था और थॉमस को सीवीसी के रूप में नियुक्त कर दिया था।

महान्यायवादी जी.वाहनवती ने सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश, न्यायमूर्ति एस.एच.कपाड़िया की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया, "पी.जे.थॉमस के खिलाफ लम्बित मामले की सच्चाई चयन समिति के समक्ष नहीं पेश की गई थी। चयन समिति के समक्ष जिस चीज को पेश किया जाना आवश्यक था, वह था पैनल में शामिल अधिकारी का बायोडाटा।"

इस पर अदालत ने पूछा, "पी.जे.थॉमस के बारे में प्रासंगित तथ्यों की जानकारी चयन समिति को न देने का परिणाम क्या है।"

अदालत ने कहा कि मामले में आगे बढ़ने से पहले वह यह जानना चाहती है कि क्या सीवीसी के चयन में सही प्रक्रिया अपनाई गई थी।

अदालत ने पूछा कि सीवीसी के लिए चयन कतार में वहां कितने लोग थे। यदि वहां मात्र तीन अधिकारी थे, तो इन अधिकारियों की संक्षिप्त सूची तैयार करने का मानक क्या था। और यदि वहां तीन से अधिक अधिकारी थे, तो उन्हें कतार से बाहर करने के आधार क्या थे।

अदालत ने यह भी जानना चाहा कि क्या पैनल के दो अन्य अधिकारी भी पी.जे.थॉमस की तरह आरोपित थे, और फिर सीवीसी के रूप में चयन करने के लिए थॉमस को ही क्यों महत्व दिया गया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+